तीन माह पूर्व दुकान खोलने से इंकार करने की मामूली बात पर हुए विवाद की रंजिश में कितनापुर निवासी यूनुस की हत्या की वजह बन गई। पुराने विवाद में दोनों पक्षों में संघर्ष हुआ। इस बीच दूसरे पक्ष की चली गोली लगने से युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पिता की तहरीर पर हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के कितनापुर गांव निवासी यूनुस पुत्र फैजुल्ला खां का तीन माह पूर्व गांव के ही गामा से विवाद हो गया था। जिसके बाद से रंजिश चल रही है। गुरुवार शाम से विवाद गहराने लगा। पहले आरोपी गामा पक्ष ने यूनुस के पिता की पिटाई कर दी। जिसकी एनसीआर दर्ज कर पुलिस छानबीन कर रही थी। इस बीच शुक्रवार सुबह दुबारा दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सुबह तड़के आरोपी गामा अपने साथियों संग आ गया और गाली गलौज करने लगा। पीड़ित ने मना किया तो हवाई फायरिंग शुरू कर दी। जिसके बाद जमकर मारपीट की गई। आरोपी पक्ष की ओर से चलाई गई गोली यूनुस को लग गई। जिसमें वह गंभीर रुप से घायल हो गया। घायल को जिला अस्पताल से रेफर कराकर बरेली ले जाया जा रहा था कि उसकी रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कार्रवाई शुरू कर दी है। इधर घटना के दौरान दोनों पक्षों की ओर से की गई मारपीट में आरोपी गामा के पिता जलील खान भी घायल हो गए। जिनको जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है।
------
बलवा, हत्या समेत संगीन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने घटना के बाद आरोपियों पर कानूनी शिकंजा कसा है। मृतक के पिता फैजुल्ला खां की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शामा, गामा, भोला, निक्का पुत्र छम्मा खां, खलील, लल्ला पुत्र जफर खां के खिलाफ बलवा, हत्या और घर में घुसकर हमला करने की धाराओं में केस दर्ज किया है।
--------
यहां से हुई रंजिश की शुरुआत
दोनों परिवारों के बीच रंजिश की शुरूआत एक छोटी सी बात पर हुई थी। मृतक यूनुस के मामा शफीक की दुकान पर देर रात आरोपी गामा सामान लेने पहुंचा था, लेकिन दुकान बंद हो चुकी थी। इस पर दुबारा दुकान खोलने से शफीक ने इंकार कर दिया। इस बात से नाराज होकर आरोपी गामा ने दुकान स्वामी से गाली गलौज की और बाद में दुकान में आग लगा दी थी। जिसके बाद से दोनों के बीच रंजिश चलती आ रही थी।
बेरहमी से मार दिया मेरा बेटा
घटना को अंजाम देते वक्त आरोपी पहले से ही हत्या का इरादा करके आए थे। मृतक की मां मसीतन ने बताया कि सुबह उनका बेटा यूनुस दूसरे मकान में गया हुआ था। इस दौरान गोली चलने की आवाज सुनाई दी थी। जिस पर वह बाहर निकलकर आई तो बेटा खून से लथपथ हालत में पड़ा हुआ था। सभी के हाथों में असलहा थे और बेटा तड़प रहा था।
पुलिस ने खंगाले आरोपियों के घर
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आरोपियों के घरों को खंगालना शुरु कर दिया। आरोपी भले ही नहीं मिल सके, लेकिन पुलिस को तलाशी के दौरान लाइसेंसी बंदूक बरामद की है। इसके अलावा कोई असलहा पुलिस को नहीं मिल सका है।
------
घटना का तहरीर के आधार पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। दूसरे पक्ष से एक युवक घायल हुआ है। मामले में सख्त कार्रवाई होगी।
-हरीश भदौरिया, सीओ बीसलपुर
लापरवाही पर एचसीपी, दो सिपाही निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। कितनापुर निवासी युनूस की हत्या के बाद पुलिस सख्त कार्रवाई का ढोल पीट रही है। लापरवाही सामने आने पर बीसलपुर कोतवाली के एचसीपी व दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के दावे भी किए जा रहे है। लेकिन यह भी सच है कि अगर शुरूआत से ही पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो मामला हत्या तक नहीं पहुंचता।
गुरुवार शाम को मृतक के पिता फैजुल्ला खां के साथ मारपीट की गई थी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस ने सिर्फ मेडिकल कराकर इतिश्री कर ली। एक बार भी पुलिस गांव में दबिश देने नहीं पहुंची। नतीजतन सुबह गोलीकांड हो गया। अब हत्या के बाद अफसर भी मौके पर आए। एएसपी एएसपी डा. रामसुरेश यादव, सीओ हरीश भदौरिया ने घटना स्थल का मुआयना कर जानकारी जुटाई। पीड़ित परिवार से मिलकर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। लापरवाही के आरोप लगने पर अफसरों ने महकमें की साख बचाने के लिए बीसलपुर पुलिस के एचसीपी शिवराज सिंह व दो बीट सिपाही रामऔतार व राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है।