गांव बकैनिया दीक्षित के निकट ग्रामीणों ने खेतों में प्रतिबंधित पशुओं का वध होते पकड़ लिया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर दो आरोपी मौके पर बाइक छोड़कर भाग निकले। गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के विरोध में प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से मांस और पशु काटने के औजार और बाइक बरामद कर कब्जे में ले ली है।
गांव बकैनिया दीक्षित के कुछ लोग शुक्रवार की सुबह गांव के बाहर टहलने गए थे। गांव से कुछ दूरी पर उनकी नजर एक खेत में प्रतिबंधित पशु काट रहे दो कसाइयों पर पड़ी। शोरशराबा करने पर कसाई मौके से अपनी बाइक छोड़कर भाग निकले। हालांकि ग्रामीणों ने कसाईयों को दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़े। गांव के रामगोपाल ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। प्रभारी कोतवाल वीपी पोसवाल ने बताया कि दोनों अज्ञात कसाईयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मौके से बरामद मांस, पशु काटने वाले उपकरण और मौके पर छोड़ी गई कसाईयों की बाइक कब्जे में ली है। उधर, पशुओं के वध पर अंकुश न लगने पर ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन करने वालों में लोकेश, प्रेमसागर, रामनाथ, घनश्याम, रामगोपाल, विनोद, श्रीपाल, नन्हे बाबू, छोटेलाल, रामप्रसाद, तेजराम, बांकेलाल, मेघनाथ, मूंगालाल, राजाराम और वेदपाल आदि शामिल थे।