बृहस्पतिवार को केंद्रीय मंत्री मेनका की बैठक में उनके प्रतिनिधि के साथ आए कार्यकर्ता ने डीएम पर एक मंत्री और व्यापारी से मिलकर काम करने का आरोप लगाया तो वे आपा खो बैठे। माहौल गर्म होता देख मेनका गांधी ने डीएम और उक्त कार्यकर्ता को शांत कराया।
बृहस्पतिवार को मेनका गांधी कलेक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रही थीं। हमेशा की तरह कई अनाधिकृत लोग भी बैठक में मौजूद थे। बिजली संबंधी बैठक समाप्त होने पर अमरिया के भरापचपेड़ा के कुछ ग्रामीण जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे। इस पर पहले मझोला चेयरमैन अजय गोयल ने भरापचपेड़ा की जमीन पर प्रशासन की मिलीभगत से कब्जा व अवैध रूप से फसल उगाने का आरोप लगाया। इसके बाद चेयरमैन के साथ आए एक अन्य कार्यकर्ता ने सीधे डीएम मासूम अली सरवर पर एक मंत्री एवं मझोला के एक व्यापारी के इशारे पर काम करने का आरोप लगा दिया। इस पर डीएम एकदम तमतमा गए और उन्होंने आरोप लगाने वाले कार्यकर्ता को देख लेने की धमकी दे डाली। कार्यकर्ता ने पुन: कुछ कहने का प्रयास किया लेकिन केंद्रीय मंत्री ने इशारे से कार्यकर्ता एवं डीएम दोनों को शांत करा दिया। बाद में डीएम मासूम अली सरवर ने बताया कि बैठक में बुनियादी आरोप लगाने से थोड़ा सा गुस्सा आ गया था। इस पर कुछ शब्द निकल गए थे।
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भरापचपेड़ा की जांच भेजी टीम
बैठक में जमीन पर कब्जे की शिकायत पर डीएम ने तत्काल तहसीलदार सदर को बैठक में बुलाया और केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि प्रमोद अग्रवाल व मझोला चेयरमैन अजय गोयल की टीम बनाकर मौके पर जांच को भेजा। डीएम ने बताया रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। यदि कब्जा कर फसल बोई गई है तो उसे नष्ट कराया जाएगा।