शहर की जोशी कालोनी निवासी 60 वर्षीय दरोगी शाह रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर कार्यरत थे। वह वरिष्ठ सेक्शन इंजीनियर (रेलपथ) कार्यालय में रात्रिकालीन ड्यूटी पर तैनात थे। दरोगी शाह की पत्नी मीना शाह ने बताया कि रात करीब 11.30 बजे उसके पति की कॉल आई और उन्होंने तबियत खराब होने की बात कहते हुए कुछ कपड़े लेकर आने की बात कही। कुछ देर बाद जब वह कार्यालय पहुंची तो दरोगी शाह टॉयलेट में गिरे पड़े थे। बमुश्किल उन्हें उठाया। इस बीच एक टीसीएम सामान लेकर कार्यालय पहुंची। वाहन के आने पर अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। कर्मचारी की हालत खराब होती देख साथी कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। हालत गंभीर होने पर साथी कर्मचारी आनन फानन में दरोगी शाह को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुनगढ़ी पुलिस ने रेलवे कर्मचारी के शव का पंचनामा भर कब्जे में ले लिया। परिवार वालों ने रेलवे कर्मचारी का पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया, लेकिन कुछ देर बाद लोगों के समझाने पर परिवार वाले पोस्टमार्टम कराने के लिए तैयार हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक की पत्नी के मुताबिक उसके पति की मौत हार्टअटैक से हुई है।
रिटायरमेंट की खुशियां मातम में बदलीं
ट्रैकमैन दारोगी शाह 31 मार्च को सेवानिवृत होने वाले थे। वह अपनी पत्नी के साथ राजीव कालोनी में बने अपने आवास में रहते थे, जबकि उनका एक विवाहित पुत्र दिलगोधन व अविवाहित पुत्री लक्ष्मीकुमारी अपने पैतृक गांव बिहार के जिला बेगूसराय के गांव विसास्थान फुलवरिया में रह रहे थे। एक दिन पूर्व ही रेलवे कर्मचारी के पुत्र-पुत्री रिटायरमेंट होने की खुशी में शरीक होने यहां पहुंचे थे, लेकिन उन्हें तनिक भी अहसास नहीं था कि वह खुशियों की जगह मातम में शरीक होने जा रहे हैं। रिटायरमेंट से एक दिन पूर्व हुई रेलवे कर्मचारी की मौत पर साथी कर्मचारी भी गमजदा दिखाई दिए।