बराही रेंज क्षेत्र में कथित वन भूमि पर कब्जे का प्रयास करने के मामले
में वन विभाग ने बैलहा के ग्राम प्रधान सुखदेव सिंह समेत 300 अज्ञात लोगों
के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
24 जनवरी को बैहला और
आसपास के गांवंों के सैकड़ों पुरुष-महिला फावड़ा, हंसिया और डंडा आदि लेकर
गांव के निकट स्थित कथित वन भूमि पर कब्जा करने पहुंच गए थे। सूचना पर
टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश, एसडीएम पूरनपुर संजय कुमार, सीओ
बृजवीर सिंह, रेंजर बराही शहनयाज भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए
थे।
अधिकारियों को ग्रामीण वहां घास, फूस और कुछ छोटे पौधे काट कर भूमि साफ
करते मिले थे। एसडीएम संजय कुमार ने जब ग्रामीणों से वार्ता की तो
उन्होंने संबंधित भूमि को ग्राम समाज की बताते हुए उस पर अपना पट्टा होने
की बात कही। इस पर एसडीएम ने ग्रामीणों से भूमि संबंधी अभिलेख उनके
कार्यालय में दिखाने की बात कहते हुए उन्हें शांत कर दिया था। एसडीएम ने वन
विभाग के अधिकारियों से भी भूमि के स्वामित्व वाले अभिलेख मांगे थे।
उधर,
ग्रामीणों के मौके से लौटने के बाद वन विभाग ने ग्राम प्रधान सुखदेव सिंह
समेत 300 लोगों के विरुद्ध वन भूमि पर कब्जे के प्रयास और वन उपज को नष्ट
करने का मुकदमा दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। डीएफओ कैलाश प्रकाश ने
बताया कि संबंधित भूमि टाइगर रिजर्व की है। ग्रामीणों ने संबंधित भूमि पर
कब्जे का प्रयास किया था।
पहले भी हो चुका कब्जे का प्रयास
जिस
भूमि पर कब्जे के प्रयास को लेकर ग्रामीणों पर मुकदमा दर्ज हुआ है, उस पर
1995 में भी कब्जे का प्रयास हो चुका है। तब पूरनपुर चीनी मिल के एक
कर्मचारी नेता की अगुवाई में चीनी मिल के तमाम कर्मचारियों ने चकबंदी विभाग
के अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलकर अवैध रूप से पट्टे करा लिए थे।
तत्कालीन डीएम मनोज कुमार सिंह के संज्ञान में यह मामला आने पर उन्होंने
पट्टे निरस्त करने के साथ कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई थी।