जिले में उत्पीड़न व रेप की शिकार महिलाओं को न्याय पाने के लिए अब उन्हें अधिक भाग दौड़ व विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा इसके लिए प्रदेश के जिन चार जिलों में वन स्टेप क्राइसेस सेंटर (ओएससीसी) की स्थापना पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में की जानी है उसमे पीलीभीत को भी शामिल कर लिया गया है।
तमाम महिलाएं भाग दौड़ व परेशानी के कारण उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से कतराती थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से एक ऐसे सेंटर की स्थापना किए जाने का निर्णय लिया गया है जहां महिलाओं को सहायता से लेकर न्याय दिलाने तक के कार्य किए जाएं। इसके लिए देश के हर जिले में वन स्टाप क्राइसेस सेंटर की स्थापना की जानी है। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में इसे पहले देश के 36 जिलों में लागू किया जाएगा। यूपी के चार जिले पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में लिए गए हैं जिसमे पीलीभीत भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस जिले में घटनाओं पर एक सीमा तक अंकुश लग सकेगा। महिलाओ को उसमे शिकायत दर्ज कराने के लिए भी भाग दौड़ नहीं करनी होगी। सेंटर के टोलफ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराने के बाद से उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए सेंटर अपना कार्य शुरू कर देगा। मेनका के पीआरओ रंजीत सिंह ने बताया कि जिले में
सेंटर स्थापना के लिए जिला प्रशासन भवन/भूमि उपलब्ध कराएगी।
मेनका गांधी के पीआरओ रंजीत सिंंह व प्रवक्ता एमआर मलिक ने बताया कि केंद्र सरकार शुरू से ही महिलाओं के उत्पीड़न को लेकर गंभीर है। उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को रिपोर्ट लिखाने से लेकर न्याय पाने तक के लिए विभिन्न दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इस सेंटर के खुल जाने के बाद निश्चित तौर पर महिला उत्पीड़न व बलात्कार की शिकार महिलाओं को लाभ मिलेगा। इसकी स्थापना इसी वर्ष के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।