घटना रविवार को शारदा नदी के धनाराघाट के समीप की है। सर्राफ व्यापारी अशोक शारदा नदी घाट पर मौनी अमावस्या को लगने वाले मेला में पायल, अंगूठी आदि की दुकान लगाने गए थे। साथ में उनका 17 वर्षीय पुत्र हिमांशु भी था। दुकान पर भीड़ भाड़ कम होने पर हिमांशु अपने पिता को बताकर नदी में नहाने चला गया। नदी में नहाते समय हिमांशु नदी में डूब गया। किशोर को नदी में डूबते देख लोगों ने शोर-शराबा शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने नदी में डूब रहे हिमांशु को बचाने का प्रयास कर उसे कुछ देर बाद नदी से निकाल लिया गया। हिमांशु को सीएचसी लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हिमांशु की मौत पर उसके परिवार में कोहराम मच गया। हिमांशु अपने चार भाईयों में सबसे छोटे मयंक से बड़ा था। हिमांशु का सबसे बड़ा भाई सोनू, उससे छोटा मोनू है।
हिमांशु को मौत खींच कर ले गई शारदा नदी तक
कहते हैं कि काल को टाला नहीं जा सकता। अशोक वर्मा ने बताया कि शारदा नदी घाट पर दोनों लोग घर से स्नान कर गए थे। पुत्र के शारदा नदी में नहाने की जिद पर उन्होंने उसे घर से नहाकर आने को कहा था, लेकिन हिमांशु नहीं माना और नदी में नहाने चला गया।