गांव बढ़ारा में घर के बाहर झोपड़ी में सो रही दलित रामकली (75 साल) के सिर पर अज्ञात हमलावरों ने पहले धारदार हथियार से प्रहार किया, बाद में उसके गले में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घरवालों ने मारपीट के चल रहे दो मुकदमों की रंजिश में गांव के ही हिस्ट्रशीटर सहित दो लोगों पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के पुत्र धनीराम की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव बढ़ारा निवासी धनीराम ने बताया कि घर से करीब 50 मीटर दूर पशुशाला है। उनकी मां रामकली पशुशाला की झोपड़ी में रहती थीं। गुरुवार की रात करीब दो बजे हमलावरों ने उनके सिर पर धारदार हथियार से हमला किया। बाद में गले में गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज और मां की चीख सुनकर घर के लोग बाहर निकले तो दो लोग हत्या करने के बाद भाग रहे थे। टॉर्च की रोशनी में दोनों युवकों को पहचान लिया गया है। उधर, मां का शव चारपाई पर लहूलुहान पड़ा था। शोरशराबा होने पर गांव के तमाम लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका के पुत्र धनीराम ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर ओमप्रकाश गंगवार उर्फ प्रकाश और अमलेश गंगवार के खिलाफ हत्या करने की नामजद तहरीर दी।
प्रभारी कोतवाल वीपी पोसवाल ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीओ बीपी सिंह ने गांव पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण किया और परिवार वालों के अलावा ग्रामीणों से भी घटना के बावत जानकारी ली। पुलिस ने आरोपियों के घर पर दबिश दी, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। मृतका के छह पुत्र और दो विवाहित बेटियां हैं।
मारपीट के एक मामले की थी सुनवाई
दियोरिया। मृतक के पुत्र धनीराम ने बताया कि उसका और आरोपी हिस्ट्रीशीटर ओमप्रकाश का घर पास में है। दो साल पहले हिस्ट्रीशीटर ओमप्रकाश ने उनकी मां से भूसा खरीदा था। भूसा ले जाने के बाद आरोपी ने पैसे नहीं दिए थे। मां रामकली ने जब पैसा मांगा तो गालीगलौज की। इसी को लेकर ओमप्रकाश गंगवार ने मारपीट की थी। जिसकी रिपोर्ट भी कोतवाली में दर्ज कराई गई। साल भर पहले पुलिस किसी मामले में आरोपी को पकड़ने आई थी। उस समय आरोपी मौके से भाग निकला था। इसी बीच एक दरोगा का मोबाइल गिर गया, जिसे थोड़ी देर बाद लौटकर आए आरोपी को उठाते हुए उसके भतीजे सुनील ने देख लिया था। आरोपी को शक था कि उसने इसकी शिकायत पुलिस से की है। इसी बात को लेकर उसने मां और परिवार वालों की पिटाई कर दी थी, इसकी भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। यह मुकदमा कोर्ट में अभी भी विचाराधीन है। इस मुकदमे की सुनवाई आज 22 जनवरी को होनी थी। इससे पहले ही उसकी मां को मौत के घाट उतार दिया गया। सीओ बीपी सिंह ने बताया कि आरोपी ओमप्रकाश ने कई बार समझौता करने का प्रयास किया। उसे शक था कि रामकली समझौता नहीं होने दे रही है।