सीएचसी अधीक्षक ने जताई अनभिज्ञता, कहा, सोमवार को लगेगा शिविर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते बीसलपुर तहसील क्षेत्र में तेज बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। अब गांव कैंचुआ के कई लोग इसकी चपेट में आ गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग अभी भी अनभिज्ञ बना हुआ है।
नगर के मोहल्ला ग्यासपुर, पटेलनगर, गांव जसकरनापुर, रोहनिया, किशनी, टेहरी और मिघौना के बाद अब तेज बुखार ने गांव कैंचुआ को अपने निशाने पर लिया है। इस गांव के वीरेंद्रपाल वर्मा, उनका 14 वर्षीय पुत्र आशीष, आशाराम की 15 वर्षीय ऐशवती, 11 वर्षीय पुत्री नेमवती, छह वर्षीय पुत्री दिव्या, नन्हे लाल का पुत्र 12 वर्षीय अर्जुन, नौ वर्षीय पुत्री कुसुमा, छह वर्षीय पुत्री सुषमा, मोहनलाल की पुत्री 10 वर्षीय आरती, चेतराम की पुत्री 18 वर्षीय कमलेश कुमारी, जगदीश प्रसाद की पुत्री दो वर्षीय हिमांशी, मोहनलाल की पत्नी राजकुमारी, शांति स्वरूप की पुत्री पांच वर्षीय प्रिया, हरपाल की पुत्री संगीता, पुत्र आठ वर्षीय उमेश, तेजपाल का पुत्र चार वर्षीय दीपांशु, पृथ्वीपाल का पुत्र एक वर्षीय रमाकांत, यशपाल की पुत्री तीन वर्षीय योगिता, दूसरी पुत्री तीन माह की प्रियांशी समेत कई लोग तेज बुखार की चपेट में हैं। इस गांव में वीरेंद्र पाल के घर मेहमानी में आई जिला शाहजहांपुर के थाना तिलहर क्षेत्र के गांव भुड़ेली निवासी राजू की पुत्री तीन वर्षीय ज्योति भी तेज बुखार की चपेट में आ गई है। गंभीर रूप से बीमार आशीष को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई लोग प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
ग्राम ईंट गांव निवासी माखन लाल की पुत्री 16 वर्षीय सपना देवी और गांव चठिया सेवाराम निवासी रघुनाथ प्रसाद की पत्नी रामवती भी तेज बुखार की चपेट में आ गई है, जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने गांव में तेज बुखार फैलते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना दे दी थी लेकिन अधिकारियों ने अभी तक इस गांव में झांकने तक की जहमत नहीं उठाई है। इससे ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष है। इस बाबत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. श्रीराम ने गांव कैंचुआ में तेज बुखार फैलने की जानकारी से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि सोमवार को गांव में शिविर लगाकर ज्वर पीड़ितों का उपचार कराया जाएगा।