गांव गजरौला खास निवासी हरपाल की हत्या के मामले में एक हत्यारोपी को नामजद न करने के विरोध में हरपाल का अंतिम संस्कार घंटों रुका रहा। हल्का इंचार्ज के घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होने के आश्वासन पर आक्रोशित लोग शांत हुए और तब अपरान्ह करीब डेढ़ बजे हरपाल का अंतिम संस्कार किया गया। हरपाल की हत्या मां को डंडा मारने से क्षुब्ध होकर भाईयों ने बहनोई के साथ मिलकर की थी। हिरासत में हत्यारोपियों से पूछताछ के बाद इसका खुलासा पुलिस ने किया है।
गजरौला खास के हरपाल की हत्या शुक्रवार को सुबह उसके भतीजों ने अपने बहनोई के साथ मिलकर कर दी थी। हरपाल का शव पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार देरशाम घर पहुंचा। हत्या में एक आरोपी को नामजद न करने को लेकर मृतक के परिवार वालों में रोष देखा गया। इसके विरोध में शनिवार को घंटों हरपाल का अंतिम संस्कार नहीं किया गया। मौके पर पहुंचे हल्का इंचार्ज राजेश कुमार ने घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस पर शनिवार को अपरान्ह करीब डेढ़ बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, घटना के बाद हिरासत में लिए गए नामजद आरोपियों से पूछताछ के बाद इंस्पेक्टर शक्ति सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को झगड़े के बाद शुक्रवार को सुबह गांव पहुंचे हरपाल ने अपनी भाभी चमेली देवी को डंडा मार दिया था। मां को डंडा मारने और भाई सुनील के सिर पर धारदार हथियार से वार करने से क्षुब्ध होकर हत्यारोपियों ने हरपाल की पीटकर और सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।