सीमावर्ती क्षेत्र में घास काटने आई नेपाल की युवती के हुए अपहरण के मामले में जिले की हजारा पुलिस पीड़ित परिवार की मदद नहीं कर रही है। युवती के परिवार वाले रिपोर्ट दर्ज कराने को थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से कतरा रही है।
बुधवार को नेपाल के जिला कंचनपुर के थाना विल्हौरी क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता-पुत्र थाना पहुंचे। थाने पर मौजूद पिता-पुत्र ने बताया कि उनकी 25 वर्षीय पुत्री दो दिसंबर 15 को घास काटने भारतीय सीमा में आई थी। आरोप है कि जहां से टाटरगंज की दो महिलाओं ने दो युवकों की मदद से उसकी पुत्री को अगवा कर लिया। महिलाओं ने युवती को अपने घर में बंधक बनाकर रखा। युवती देर शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिवार के लोगों ने नेपाल में उसकी अगले दिन तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। तीसरे दिन जब वह भारतीय क्षेत्र के गांव टाटरगंज पहुंचे और जानकारी की तो पता चला कि उसकी पुत्री टाटरगंज निवासी एक महिला के घर देखी गई थी। इस पर परिवार के लोगों ने पुत्री को वापस करने की मांग की, लेकिन आरोपी महिलाओं ने पुत्री के होने से इंकार कर दिया। आरोप है कि दोनों महिलाओं ने उसकी पुत्री को पंजाब प्रांत में एक लाख रुपये में बेच दिया है। वह दो बार थाने पर आकर रिपोर्ट दर्ज करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और पुत्री को बरामद करने में मदद मांग चुके हैं, लेकिन पुलिस कोई मदद करने को तैयार नहीं है। कार्यवाहक एसओ राकेश बाबू सक्सेना ने बताया कि एसओ अवकाश पर हैं। एसओ के आने पर ही इस संबंध में कुछ बताया जा सकता है।