जहानाबाद में दर्ज हुआ जेल में बंद कॉलोनाइजर पर मुकदमा
जेल में बंद शहर के कॉलोनाइजर नफीस अंसारी के खिलाफ अब जनभावनाएं भड़काने और जिले में तनाव बढ़ाने का मुकदमा दर्ज हुआ है। नफीस अंसारी के खिलाफ यह कार्रवाई जेल से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राज्यमंत्री की शिकायत करने पर हुई है।
नकटदाना चौराहा स्थित केजीएन कॉलोनी में नजूल की जमीन पर कब्जा करने के आरोप में सिटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर दर्ज मुकदमे में कॉलोनाइजर नफीस अंसारी इन दिनों जिला जेल में बंद है। पिछले दिनों नफीस अंसारी ने जेल से मुख्यमंत्री के नाम पत्र भेजकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हाजी रियाज अहमद पर तमाम गंभीर आरोप लगाए थे। नफीस के पत्र का मजमून कुछ समाचार पत्रों में प्रकाशित भी हुआ था। इसके बाद जहानाबाद थाना क्षेत्र के गांव कनाकोर निवासी प्रशांत कुमार ने पुलिस को नफीस अंसारी के खिलाफ तहरीर दी, जिसमें राज्यमंत्री पर आरोप लगाकर जनभावनाएं भड़काने और शहर तथा जिले में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया गया। इस तहरीर पर पुलिस ने नफीस अंसारी के खिलाफ धारा153बी, 501 और 502 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
कनाकोर निवासी प्रशांत कुमार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इसकी विवेचना एसआई शैलेंद्र प्रताप सिंह को सौंपी गई है।
- भोला सिंह, एसओ जहानाबाद
कॉलोनाइजर को हाईकोर्ट से मिली जमानत
जिला जेल में बंद कॉलोनाइजर नफीस अंसारी की जमानत हाईकोर्ट से मंजूर हो गई है। इस पर सीजेएम सुनील कुमार सिंह ने कोर्ट में जमानत नामा दाखिल होने के बाद रिहाई आदेश जिला जेल भेज दिया। देरशाम कॉलोनाइजर को जेल से रिहा कर दिया गया। नकटदाना के निकट केजीएन कॉलोनी में नजूल की जमीन शामिल होने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में उसने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। जहां कोर्ट ने जेल भेज दिया था। इस मामले में प्रभारी जिला जज विनय कुमार की कोर्ट से उनकी जमानत नामंजूर हो गई थी। इसके बाद उनकी ओर से हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई। इस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर दी। जमानत मंजूरी का आदेश प्राप्त होने पर मंगलवार को सीजेएम सुनील कुमार सिंह की कोर्ट ने रिहाई आदेश जिला जेल भेज दिया।