गांव
हरसिंहपुर के किसान 70 वर्षीय जागीर सिंह की मौत तालाब में डूबने से नहीं
हुई थी। बल्कि हत्यारों ने उसकी हत्या कर शव तालाब में डाला था। इस बात की
की पुष्टि मृतक की आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुई है। पुलिस अब हत्या की
वजह व हत्यारों तक पहुंचने के लिए उसके परिवार वालों से जानकारी जुटा रही
है। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट हत्या की धाराओं में दर्ज कर ली है।
मंगलवार
को गांव हरसिंगपुर निवासी जागीर सिंह नगर निवासी बल्देव सिंह की बाइक पर
सवार होकर रामनगर में स्थित खेत पर गन्ना देखने गए थे। पूरनपुर में बल्देव
सिंह ने उन्हें घर जाने के लिए टेंपो में बैठा दिया, लेकिन वह घर नहीं
लौटे। घर वाले उनकी तलाश कर रहे थे।
इसी बीच शुक्रवार को जागीर का शव
घर से कुछ दूरी पर तालाब में मिला था। परिवार के लोग शव मिलने पर हत्या का
आरोप लगा रहे थे। मृतक के पुत्र फुम्मन सिंह और पुत्री सुखविंद कौर ने
जमीनी विवाद पर रंजिशन हत्या होने की आशंका जताई थी। जबकि पुलिस प्रथम
दृष्टया डूबने से होना मान रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी तीन
पसलियां टूटी मिली।
डॉक्टरों ने पसलियां टूटने से उसकी मौत होने की
पुष्टि की है। इंस्पेक्टर धर्मपाल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के
मुताबिक जागीर सिंह की मौत मंगलवार को हुई थी। पुलिस ने घटना के कारणों व
हत्यारों की जानकारी के लिए मृतक के घर वालों को कोतवाली बुलाया और उनसे
पूछताछ की।
यहां मिले चोट के निशान
एसएसआई अमर सिंह ने
बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जागीर सिंह की दाहिने ओर की तीन पसलियां
टूटने से मौत होना पाया गया। इसके अलावा उसके दाए हाथ की कोहनी में भी चोट
पाई गई।