माधोटांडा कस्बा निवासी अब्दुल मजीद की 30 वर्षीय पुत्री गुलिस्ताना एक दशक से मानसिक तौर पर बीमार चल रही थी। उसका इलाज बरेली के एक अस्पताल से कराया जा रहा था। रविवार सुबह तड़के तीन गुलिस्तां ने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली। चीख पुकार सुनकर परिवार वाले जाग गए। मौके पर पहुंचे तो युवती को आग की लपटों के बीच घिरा देख दंग रह गए। शोर सुनकर आसपास के कई लोग जमा हो गए, जिनकी मदद से बमुश्किल आग पर काबू किया जा सका। परिवारीजन गंभीर रूप से झुलसी हालत में युवती को इलाज के लिए जिला अस्पताल आ रहे थे कि रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने युवती के मरने की पुष्टि की। मृतका आठ भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसकी मौत से परिवार में मातम छा गया है।