नाराज ग्रामीणों ने शव रख कर लगाया जाम
गांव नांद और भीकमपुर के बीच पुलिया के पास डंपर से कुचल कर एक विवाहिता की मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना के विरोध में शव सड़क पर रख कर जाम लगाया। सीओ, एसडीएम और विधायक के हस्तक्षेप पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
थाना बिलसंडा क्षेत्र के गांव कनपरी निवासी अमर पाल ने बताया कि उनका 15 वर्षीय पुत्र जगतपाल शुक्रवार को सुबह लगभग 9.30 बजे साइकिल द्वारा गांव नीवाडांडी से अपने गांव को लौट रहे थे। साइकिल के कैरियर पर जगतपाल की 32 वर्षीया मां मीना देवी बैठी थी। मीना देवी की गोद में उनका दो वर्षीय पुत्र अंकित भी था। रास्ते में गांव नांद और भीकमपुर के बीच पुलिया के पास पीछे से आ रहे डंपर ने साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मीना देवी की गोद में बैठा अंकित उछल कर दूर जा गिरा। जगतपाल भी सड़क किनारे गिर गया। मीना देवी डंपर की चपेट में आ गई। जिससे उनकी कुचलकर मौके पर ही मौत हो गई। हादसा होने के बाद चालक डंपर कुछ दूरी पर खड़ाकर खेतों में होता हुआ भाग गया। इसी बीच मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी। जगतपाल के घर वाले भी आ गए थे। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने क्षतविक्षत शव रोड पर रख कर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर बिलसंडा एसओ जितेंद्र यादव, सीओ बीपी सिंह, एसडीएम बृजपाल सिंह और भाजपा विधायक रामसरन वर्मा मौके पर पहुंचे। इन लोगों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर जाम खुलवा दिया। मृतका के भाई गांव नीवाडांडी निवासी स्वामी दयाल ने थाना बिलसंडा में घटना की रिपोर्ट दर्ज करा दी है, जिसमें डंपर के नंबर का उल्लेख किया गया है और उसके चालक को अज्ञात बताया गया है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और डंपर कब्जे में ले लिया है। इस हादसे से मृतका के घर कोहराम मच गया है। घरवालों का रोते रोते बुरा हाल हो रहा है।
जाको राखे साइयां मार सके न कोय...
एक बार फिर जाको राखो साइयां मार सके ना कोय वाली कहावत इस घटना में सही साबित हुई। दुर्घटना में साइकिल पर बैठी विवाहिता की तो मौके पर ही मौत हो गई, लेकिन उसके गोद में मौजूद बच्ची व साइकिल चला रहा उसका लड़का बाल-बाल बच गया।