थाना न्यूरिया क्षेत्र के गांव बसंतापुर निवासी 17 वर्षीय नैना देवी की शादी तय होने से नाराज उसके पड़ोसी प्रेमी ने उसे कभी साथ जीने मरने की कसम खाने की बात याद दिलाई और साथ-साथ जहर खाने का झांसा दिया। किशोरी के जहर खाने के बाद युवक मौके से भाग निकला। घरवाले किशोरी को जिला अस्पताल लाए, जहां उसकी मौत हो गई, जिससे उसके परिवार में कोहराम मच गया। किशोरी के परिवार वालों ने आरोपी के खिलाफ आत्महत्या को उकसाने की तहरीर पुलिस को देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। सूचना पर पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव बसंतापुर निवासी झम्मनलाल ने बताया कि उनकी पुत्री ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी। पुत्री के संबंध पड़ोस के एक दूसरी बिरादरी के युवक से थे। इस बात की जानकारी जब उन्हें एक महीने पहले हुई तो उन्होंने पुत्री का रिश्ता दूसरे गांव के एक युवक से तय कर दिया। 25 अप्रैल को उन्होंने गोद भराई का कार्यक्रम किया था। सोमवार की सुबह पुत्री पड़ोस में खाली पड़े अपने प्लॉट में गई थी। इसी बीच आरोपी युवक भी वहां पहुंच गया। उन्होंने बताया कि आरोपी ने उसकी पुत्री को उकसाया। कहा कि हम दोनों ने एक साथ जीने और मरने की कसम खाई थी। तुम्हारी शादी दूसरी जगह हो रही है। आरोप है कि उसने पुत्री को जहर देते हुए कहा कि हम लोग एक साथ जहर खाकर आत्महत्या कर लेते हैं। उकसावे में आई पुत्री ने जहर खा लिया। पुत्री के जहर खाने के बाद आरोपी भाग निकला। पुत्री किसी तरह लडख़ड़ाते हुए घर पहुंची और उसने घटना बताई। इससे घर वालों के होश उड़ गए। परिवार के लोगों ने बेटी को सुबह करीब सवा आठ बजे जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया, जहां करीब एक घंटे बाद उसकी मौत हो गई। किशोरी की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। लड़की के पिता का कहना है कि उन्होंने आरोपी के खिलाफ न्यूरिया पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन एसओ ने तहरीर मिलने की बात से साफ इंकार किया है।
एसओ दलवीर सिंह ने बताया कि उन्हें शहर कोतवाली से नैना देवी की जहर खाने से मौत का मेमो मिला है। जिस पर दरोगा बलवीर सिंह को पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराने के लिए मौके पर भेजा गया है।
चार भाइयों में छोटी थी मृतका
लड़की के पिता झम्मनलाल ने बताया कि उनके चार पुत्र और दो पुत्रियां हैं। मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं। मृतका नैना देवी चारों भाइयों से छोटी है। लड़की की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है।
नहीं हो सके मृत्यु पूर्व बयान
पीलीभीत। गांव बसंतापुर में जहर खाने वाली नैनादेवी की मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही सामने आई है। लड़की करीब एक घंटे जिला अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझती रही। अस्पताल प्रशासन ने इसका मेमों भी शहर कोतवाली पुलिस को भेजा, लेकिन उसके बाद भी पुलिस संजीदा नहीं हुई। पुलिस और मजिस्ट्रेट ने आकर लड़की के बयान लेने की जरूरत नहीं महसूस की। नतीजतन नैना देवी की मौत हो गई। एएसपी विकास कुमार वैद्य ने बताया कि आत्महत्या के मामले में मजिस्ट्रेट द्वारा लिए गए बयान ही मान्य होते हैं।