लूटपाट का विरोध करने पर कुछ लोगों की पिटाई भी की। बदमाशों के जाने के बाद राहगीर जंगल से बाहर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। खबर लिखे जाने तक सीओ पूरनपुर ब्रजवीर सिंह व एसओ राजेंद्र सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। बड़ी संख्या में फार्मर व ग्रामीण भी बदमाशों की तलाश के लिए जंगल में कांबिंग कर रहे हैं।
माधोटांडा से बराही जंगल होते हुए मझारा जाने वाले मार्ग पर शाम लगभग साढ़े छह बजे करीब एक दर्जन नकाबपोश सशस्त्र बदमाशों ने जंगल मार्ग से गुजर रहे लोगों को शस्त्रों के बल पर रोक कर लूटना शुरू किया। लूटपाट के बाद सभी लोगों को बांध कर जंगल में बैठाए रखा। इस दौरान बदमाशों ने माधोटांडा निवासी टेंट व्यापारी से 45 हजार रुपये और मोटर साइकिल, चांद मियां से 21 हजार रुपये, फेरी लगाकर लौट रहे उस्मान शाह उर्फ गुड्डू से 35 सौ रुपये, बसंतपुर नौनरे से शादी समारोह से तराई जा रहे चकत्तर सिंह से नकदी, रतन सिंह से बाइक और बंदूक, दवा लेकर लौट रहे जसवीर सिंह से 47 हजार रुपये, धुरिया निवासी सर्वेेश, मझारा के कुलविंदर सिंह, प्रकाश आदि के साथ भी लूटपाट की गई। करीब डेढ़ घंटे तक लूटपाट के बाद बदमाश लूटी गई बाइकों से चले गए। इसके बाद लूट के शिकार हुए राहगीर बंधन मुक्त हुए। जंगल से छूटकर थाने पहुंचे कुछ राहगीरों ने बताया कि बदमाशों की संख्या करीब 12 थी।
एएसपी बोले, कोई घटना नहीं हुई
पीलीभीत। एएसपी सुधीर कुमार सिंह ने घटना से इन्कार करते हुए कहा कि बराही जंगल से लौटते हुए शराब के नशे में कुछ लोगों में झगड़ा हुआ है। इसके चलते उधर से गुजर रहे लोगों ने इन्हें बदमाश समझकर लूटपाट होना बता दिया था। कहीं कोई लूट नहीं हुई है।