छह दिन के भीतर पंजाब एंड सिंध बैंक के दो लॉकरों से 75 तोला सोने के जेवरात गायब होने का मामला अनसुलझी पहेली बनकर रह गया है। पुलिस ने तमाम दावों के साथ जांच तो शुरू की लेकिन इसको मुकाम तक नहीं पहुंचाया जा सका। पुलिस के सवालों का बैंक अफसरों ने अब तक जवाब नहीं दिया है। इधर, विवेचक का तबादला होने से जांच अधर में लटक गई है।
एकता नगर कॉलोनी निवासी व्यापारी नेता अमनदीप सिंह जौली की मां जसप्रीत कौर के गैस चौराहा स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से 25 तोला सोने के जेवरात 11 अगस्त को गायब हो गए थे। ठीक पांच दिन बाद अशोक कॉलोनी निवासी डॉक्टर विपिन साहनी की मां सुदेश साहनी के इसी बैंक के लॉकर से 50 तोला सोने के जेवरात गायब हो गए। दोनों मामलों में बैंक प्रबंधक समेत स्टाफ पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पहले पीड़ित की बातों को संदिग्ध करार दिया। बाद में बैंक से सोना गायब होने की घटना को सही करार देने में अफसर जुट गए, लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी गुत्थी सुलझाई नहीं जा सकी है। रहस्य अभी भी बना हुआ है, अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है। बैंक के जोनल अफसरों ने अपनी जांच रिपोर्ट पुलिस को नहीं दी। इधर, विवेचक मनोज त्यागी का तबादला हो गया। इससे पूरा मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। सीओ सिटी निर्मल बिष्ट ने बताया कि विवेचना दूसरे दरोगा को ट्रांसफर की जाएगी। बैंक के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है।