अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार उपाध्याय ने तीन वर्ष पहले हुई राम किशोर की में आरोपी सुरेश उर्फ लक्ष्मी को दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड देने की सजा सुनाई है। थाना गजरौला पर गांव देवीपुरा निवासी सुरेंद्र की ओर से 15 जून 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार सुबह आठ बजे वह अपने चाचा छोटेलाल के साथ खेत पर गया था। खेत में उन्हें एक सड़ी हुई लाश पड़ी दिखाई दी। पुलिस ने जांच शुरू की। अखबार में छपी फोटो देखकर थाना खुदागंज शाहजहांपुर के गांव बमहियाना निवासी रामप्यारी उर्फ रामकिशोरी ने शव की पहचान अपने पति रामकिशोर के रूप में की थी। पता चला कि रामकिशोर अपने रिश्तेदार थाना बीसलपुर के गांव माहमदपूर रसूला निवासी सुरेश उर्फ लक्ष्मी के साथ रुद्रपुर से आया था। दोनों वहीं प्राइवेट नौकरी करते थे। आरोप था कि रुपयों के लालच में रामकिशोर की हत्या कर दी गई। पुलिस ने आरोपी आरोपी सुरेश उर्फ लक्ष्मी को घटना के कुछ दिन बाद जेल भेज दिया था। वह इस समय भी जेल में है। मामले की सुनवाई के बाद अपर सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार उपाध्याय ने आरोपी को दोषी पाकर आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।