प्रेमी युगल गुरप्रीत सिंह और रमनदीप कौर की हत्या ऑनर किलिंग निकली। सेहरामऊ उत्तरी पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद शनिवार को घटना का खुलासा किया। हालांकि पुलिस हत्यारोपी पिता-पुत्र को पहले ही जेल भेज चुकी है।
सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव बागर निवासी रामपाल सिंह के खेत में 24 जनवरी को लड़का-लड़की के शव बरामद हुए थे। शव की शिनाख्त ग्राम कजरी निरंजनपुर निवासी गुरप्रीत सिंह और उसकी मंगेतर महादेव माती की रमनदीप कौर के रूप में हुई थी। पुलिस इन दोनों की हत्या के आरोप में रमनदीप कौर के पिता बलविंदर सिंह और भाई गुरजंट सिंह को पहले ही जेल भेज चुकी है। पुलिस ने विवेचना पूरी करने के बाद शनिवार को पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठाया। पुलिस के मुताबिक 17 जनवरी को गुरप्रीत सिंह और उसकी मंगेतर की हत्या की गई थी। विवेचक वीके पटेल ने बताया कि घटना से तीन साल पहले गुरप्रीत सिंह और रमनदीप की शादी तय हुई थी। रमनदीप कौर का पिता शादी करने की तिथि लगातार टाल रहा था। गुरप्रीत सिंह और रमनदीप कौर शादी तय होने से पहले ही छिपकर मिलते थे। रमनदीप कौर के बुलावे पर गुरप्रीत सिंह उसके घर के समीप आता जाता था। 17 जनवरी को रमनदीप कौर के बुलाने पर गुरप्रीत सिंह उससे मिलने पहुंचा। पिता और भाई ने गन्ने के खेत में दोनों रमनदीप कौर व गुरप्रीत को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। उन्होंने गुस्से में गन्ने से पीटकर गुरप्रीत की हत्या कर दी थी। प्रेमी की मौत से आहत मंगेतर रमनदीप कौर ने कीटनाशक पी लिया। मामला कहीं खुल न जाए इसको लेकर पिता-पुत्र ने रमनदीप को भी गन्ने से पीटकर मार डाला और चले गए। उन्होंने घर जाने के बाद बेटी के गायब होने की बात कहकर रिपोर्ट लिखा दी। पुलिस के मुताबिक गुरप्रीत और रमनदीप कौर की मौत का मामला ऑनर किलिंग थी।