डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट के इंतजार में महेंद्र हत्याकांड की कार्रवाई को पुलिस ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। सुरागरसी के नाम पर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। नतीजतन हत्याकांड में गजरौला पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगाने की तैयारी में लगी है। गजरौला थाना क्षेत्र के सराय गांव में 24 मई 2016 को गन्ने के खेत में शव अधजली हालत में मिला था। जिसकी तीन महीने बाद शिनाख्त गांव के ही महेंद्र (24) के रुप में की गई थी। अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की कोशिश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआत में पुलिस ने पारिवारिक विवाद को हत्या की वजह बताया तो चंद दिन बाद ही अवैध संबंध की ओर जांच शुरू कर दी। कई रिश्तेदारों के सीडीआर भी निकलवाए गए। इसके बाद से लगातार सर्किल व थानाध्यक्षों के स्थानांतरण ही हो सके है। महीनों से जांच को गई डीएनए रिपोर्ट भी नहीं आ सकी है। नतीजतन हत्याकांड के 13 महीने बाद भी पुलिस इसको लेकर पुष्टि नहंी कर सकी कि शव महेंद्र का है भी या नहीं। बहुचर्चित हत्याकांड को डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट न मिलने का बहाना देकर अभिलेखों में दफन करने की तैयारी की जा रही है। सीओ सिटी निशांक शर्मा ने बताया कि डीएनए रिपोर्ट के लिए कई बार रिमाइंडर भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है। फाइनल रिपोर्ट नहीं लगाई जा रही है। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई को नई दिशा मिल सकेगी।