ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. रंजना शर्मा ने सीएचसी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में इमरजेंसी में प्रयोग होने वाली दवाइयों का रिकार्ड नहीं मिला। ओपीडी में रजिस्टर मेनटेन नहीं मिले। पर्चियों पर दवाई लिखना पाई गई। परिसर में गंदगी मिली। खामियों को दुरुस्त करने की चेतावनी दी। साथ ही पीएचसी के सीएचसी में मर्ज होने पर उपस्थिति रजिस्टर एक ही बनाने, चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों का उपस्थिति रजिस्टर अलग-अलग बनाने के निर्देश दिए।
जिले में दो दिवसीय निरीक्षण को बृहस्पतिवार पहुंची ज्वाइंट डायरेक्टर अपराह्न करीब दो बजे सीएचसी निरीक्षण को आ पहुंची। उन्होंने इमरजेंसी, ओपीडी, वार्ड, प्रसव कक्ष आदि का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीएचसी में महिला चिकित्सक की तैनाती न होने और संविदा पर तैनात महिला चिकित्सक के कक्ष में न मिलने पर उनका हाजिरी रजिस्टर तलब किया। कक्ष में ताला पड़ा होने पर उसे तुड़वाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि आईसीटीसी (एड्स, अन्य गुप्त रोगों की जांच आदि) का निस्तरण सही नहीं होना मिला। इमरजेंसी में प्रयोग होने वाली दवाइयों का रिकार्ड नहीं मिला। सीएचसी में गंदगी मिली। उन्होंने बताया कि ओपीडी रजिस्टर मेनटेन नहीं मिला, चिकित्सक पर्चियों पर दवाई लिखते मिले। महिला काउंसलर काउंसिलिंग को लेकर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सकी। चिकित्सक और अन्य कर्मचारी अपनी निर्धारित ड्रेस में नहीं मिले। अधीक्षक के अवकाश पर होने की जानकारी पर उन्होंने सरकारी कार्य से जिला मुख्यालय गए एमओआईसी डॉ. मोहम्मद असलम से मोबाइल पर खामियों को लेकर रोष व्यक्त किया। साथ ही पीएचसी के सीएचसी में मर्ज होने पर एक ही उपस्थित रजिस्टर बनवाने, चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों के अलग-अलग उपस्थित रजिस्टर बनवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद वे पीएचसी के निरीक्षण को रवाना हो गई। उन्होंने बताया कि जिले में दो दिन रुककर अस्पतालों का निरीक्षण करेंगी।