अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेश कुमार ने पिता-पुत्र सहित पांच आरोपियों पर लाइसेंस असलहों से लैस होकर मारपीट और लूटपाट की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश बीसलपुर कोतवाल को दिए हैं।
गांव चौसर हरदोपट्टी निवासी कौशल्या देवी ने कोर्ट में अर्जी देकर बताया कि चार दिसंबर 2015 को रात में वह अपने पुत्रों, रविंद्र गिरि और रामशंकर, को लेकर गांव में वोट मांग रही थीं। वह ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ रही थीं। वहीं पर गांव के ही तौलेराम गंगवार बंदूक लेकर, उनका पुत्र रत्नेश गंगवार पिस्टल लेकर, राजेंद्र रायफल लेकर महेंद्र बंका लेकर और देवी प्रसाद नाजायज बंदूक लेकर मिले। उससे कहा कि अपना समर्थन प्रत्याशी राजेंद्र प्रसाद को दे दो। मना करने पर उसे मारापीटा। सोने की झुमकी लूट ली। पुत्र रामशंकर पर जान से मारने की नीयत से फायर किया, जो दाहिने पैर में लगा। आरोपियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। शोर पर सुनील, सर्वेश, नेत्रपाल आ गए। तब नेत्रपाल के सिर पर भी बांका से प्रहार किया गया। नेत्रपाल घायल होकर गिर पड़ा। उसके बाद आरोपी नेत्रपाल को मरा समझकर फायर करते हुए भाग गए। रामशंकर की चोटों का डाक्टरी मुआयना बीसलपुर अस्पताल में हुआ। इसके बाद से पीलीभीत अस्पताल रेफर कर दिया गया। कोर्ट में बताया गया कि पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी ने भी मामले में कार्रवाई नहीं की। एसीजेएम राजेश कुमार ने बीसलपुर कोतवाल को घटना की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।