शारदा डैम से निकलने वाली सबसीडरी हरदोई ब्रांच, जिसे खारजा नहर भी कहते हैं, के दोनों किनारे सिंचाई विभाग ने वर्षों पूर्व पौधरोपण के लिए सामाजिक वानिकी को दे दिए थे। पिछले कुछ वर्षों से नहर की दोनों पटरियों से भवन निर्माण एवं भराव के नाम पर खनन शुरू किया गया था, जो अब धीरे-धीरे नासूर बनता जा रहा है। अवैध रेत खनन से जहां हरदोई ब्रांच के अस्तित्व के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, वहीं नहर के भीतरी हिस्से की जमीन भी कई स्थानों पर धंसने लगी है।
संरक्षण के चलते अवैध धंधे ने पकड़ी तेजी
नहर से पहले चोरी छिपे थोड़ी बहुत रेत निकाल ली जाती थी, लेकिन अब खनन माफियाओं द्वारा पुलिस, सामाजिक वानिकी और सिंचाई विभाग से साठगांठ के चलते यह धंधा चोखा हो चला है। नहर से निकाली गई रेत नगर पंचायत और ग्रामपंचायतों में बनने वाली सड़कों एवं आवासीय क्षेत्रों के भराव में इस्तेमाल की जा रही है।
मामला सुर्खियों में आने पर होती है खानापूरी
जब अवैध खनन मामले की शिकायत होती है या अखबारों की सुर्खियां बनती हैं तो संबंधित विभाग एक दो ट्रॉलियां पकड़कर उसे सीज कर देते हैं या फिर चालकों के खिलाफ केस दर्ज कर जुर्माना वसूल लेते हैं। नहर के दोनों ओर कई इलाकों में उठाई गई रेत के गड्ढे आज भी इस बात की गवाही दे रहे हैं।
माफिया पर करें कार्रवाई
कस्बा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद आरिफ खां ने मुख्यमंत्री कार्यालय में अवैध खनन मामले की शिकायत सौंपी हैं। उन्होंने खनन करने वालों को सूचीबद्ध कर उन्हें खनन माफिया की सूची में शामिल कर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है। पूरनपुर रेंजर सामाजिक वानिकी, हसीन अहमद हसीन अहमद ने बताया, चोरी छिपे एक दो स्थानों से रेत निकालने की जानकारी मिली थी। इस मामले में कुछ ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ वनरक्षक से मुकदमा दर्ज करवाया गया है। विभागीय कार्रवाई भी की जा रही है।