डीएम से मुलाकात करने पहुंचे नेताओं ने 31 मई तक मांगा जवाब
समाधान न होने पर एक जून से घटनास्थल करेंगे आंदोलन
असम हाईवे पर पूरनपुर गेट पुलिस चौकी के पास डीएम के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत टास्क फोर्स द्वारा तोड़े गए सिद्धबाबा मंदिर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पांच दिन बाद कई हिंदू संगठनों के नेता आगे आए और डीएम से मुलाकात की। जिसमें 31 मई तक हटाए गए मंदिर के पुन: निर्माण को लेकर सकारात्मक जवाब न मिलने पर एक जून से मौके पर ही आमरण अनशन करने की चेतावनी दी गई है। जिसके बाद इस प्रकरण में एक बार फिर राजनीति गरमाती दिखाई दे रही है।
सोमवार दोपहर को हिंदू जागरण मंच के जिलाध्यक्ष वेद प्रकाश शुक्ला, विश्व हिंदू परिषद के अंबरीश मिश्रा, सेवा भारती के संरक्षक कैलाश चंद्र गुप्ता, भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष सूर्यकांत शंखधार के अलावा भाजपा नेता दीपक अग्रवाल डीएम से मिले। डीएम से मुलाकात कर सभी ने एक संयुक्त ज्ञापन दिया। जिसमें तोड़े गए मंदिर को दोबारा उसी जगह पर बनाने और मंदिर तोड़ने वाली टीम में शामिल अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। यह भी कहा कि अगर दिए गए ज्ञापन का सकारात्मक जवाब 31 मई तक सामने नहीं आता है, तो एक जून से अनशन किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रशासन की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। व्यक्तिगत स्वार्थ को अंजाम देने के कारण कार्रवाई करने की चर्चाएं तेज होती जा रही हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब सामने नहीं आया। चुपचाप की गई कार्रवाई पर संदेह भी जताया है।