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पलायन कर चुके दर्जनों परिवार पांच दिन बाद भी नहीं लौटे

Mon, 29 May 2017 11:09 PM IST
पीलीभीत
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दहशत - फोटो : Amar Ujala
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 मौजूद ग्रामीणों में इसी की चर्चा, गलियों में पसरा सन्नाटा       
सिद्ध बाबा मंदिर तोड़ने के बाद हाईवे पर उपद्रव का मामला       
   
 सरकारी जमीन पर बने सिद्धबाबा मंदिर को प्रशासन द्वारा तोड़ने के बाद हाईवे पर हुए उपद्रव को पांच दिन बीत गए और दो दिन से पुलिस के दबिश न देने के चलते माहौल काफी हद तक शांत हो गया है, मगर इसके बावजूद बाहर गए लोगों की वापसी नहीं हो सकी है। इक्का-दुक्का परिवार ही घर लौटे हैं। जिसके चलते गांव गलियों में सन्नाटा पसरा है और कुछ मकानों पर ताले लटके हुए हैं।    
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बताते चलें कि मंगलवार को पूरनपुर गेट चौकी के पास स्थित सिद्धबाबा मंदिर को डीएम के निर्देश पर तोड़ दिया गया था। प्रशासन ने कार्रवाई के पीछे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किए जाने की बात कही तो वहीं ग्रामीण एक प्लाट मालिक से मोटी रकम लेकर कार्रवाई का आरोप लगाते रहे। बुधवार देर शाम प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस पर पथराव और वाहनों में आगजनी की गई थी। रिपोर्ट दर्ज कर 12 लोगों को जेल भेजा जा चुका है। ताबड़तोड़ दबिशों के बाद कई परिवार घबराकर गांव से पलायन कर गए थे। पुलिस पर दबिश के दौरान तोड़फोड़ और मारपीट करने का आरोप लगा था। ऐसे में पुलिस और ग्रामीणों के बीच बनते दहशत के माहौल को सामान्य करने के लिए एसपी देवरंजन वर्मा ने दो दिन से दबिश बंद कर दी। मौके पर दो इंस्पेक्टर, एक प्लाटून पीएसी को छोड़ बकाया फोर्स भी हटवा दिया गया। 48 घंटे से गांव में पुलिस की दबिश नहीं की गई। जिससे गांव के माहौल पर काफी असर पड़ा है। मौजूदा ग्रामीण राहत महसूस कर रहे हैं। दहशत भी कुछ कम हुई है, लेकिन अभी पूरी तरह से गई नहीं है। इतना जरूर हुआ कि लोग खेत पर काम करने निकले, दुकानों को भी खोला गया, लेकिन आहट पर पुलिस का डर धड़कने तेज कर जाता है। इधर पलायन कर चुके गांव के तमाम लोग अभी गांव नहीं लौटे हैं। नतीजतन मीरापुर और पिपरा गांव में गलियां सुनसान पड़ी हैं। कई घरों पर ताले लटके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों को माहौल शांत होने की जानकारी देकर वापस आने को कहा गया, लेकिन इक्क -दुक्का ही वापस आए। वर्तमान समय में गांव के कई परिवार बाहर हैं।
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