कोतवाली पुलिस ने चार अप्रैल को गांव ढुकसी के पास देवहा नदी के किनारे
हुए सुरेंद्र हत्याकांड का बुधवार को पर्दाफाश कर तीनों आरोपियों को
गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया कि यह
हत्याकांड प्रेम प्रसंग को लेकर हुआ है।
थाना प्रभारी केपी सिंह ने
बताया कि दियोरिया कोतवाली क्षेत्र के गांव बढ़ारा निवासी छात्र सुरेंद्र
को चार अप्रैल को कुछ लोग अपहरण कर गांव ढुकसी के किनारे देवहा नदी के समीप
ले गए थे। उन लोगों ने सुरेंद्र की पानी में डुबोकर हत्या कर दी थी। हत्या
करने से पहले आरोपियों ने सुरेंद्र का एक लैपटॉप और सेलफोन भी लूट लिया
था।
छह अप्रैल को सुबह गांव वालों की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद किया था।
जेब से मिले पर्स में निकले परिचय पत्र से उसकी शिनाख्त हुई थी। मृतक के
पिता संजीव कुमार ने कोतवाली में मामले की अज्ञात हत्यारोपियों के विरुद्ध
तहरीर दी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के फेफड़ों में पानी भरे होने
की पुष्टि हुई थी।
एसपी जितेंद्र कुमार शाही ने हत्याकांड के खुलासे के
लिए टीम लगा दी थी। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने बुधवार को
तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने सुरेंद्र की हत्या
करने का इकबाल कर लिया। आरोपियों में बीसलपुर कोतवाली क्षेत्र के गांव
हाफिजनगर बन्हाई निवासी सौरभ, गांव अहिरपुरा निवासी विवेक और जिला
शाहजहांपुर के थाना खुदागंज के गांव भुंडी निवासी अजय शामिल हैं।
पुलिस
ने आरोपियों की निशानदेही पर मृतक का लूटा गया लैपटॉप और सेलफोन भी बरामद
कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मुख्य आरोपी अजय के थाना बरखेड़ा
क्षेत्र के एक गांव की एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी बीच
सुरेंद्र की उस युवती से जान पहचान हुई तो अजय को यह नागवार लगा।
अजय
इसी बात से क्षुब्ध होकर सुरेंद्र को अपने दो अन्य साथियों की मदद से मौत
के घाट उतार दिया। सीओ सुवेग सिंह सिद्धू ने पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ
की। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने अपना जुर्म इकबाल किया है। प्रभारी
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने हत्याकांड का पर्दाफाश करने वाली पुलिस टीम को
पांच हजार का ईनाम देने की घोषणा की है।