गांव मरौरी निवासी 25 वर्षीय ठाकुरदास का शव बिजली की केबिल के सहारे बसंतापुर के निकट नहर के पास पापलुर के पेड़ से लटकता मिला। हालांकि घर वाले उसके डिप्रेशन में होने के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं, लेकिन बिजली केबिल से फांसी पापुलर के पेड़ से लगाने की बात किसी के गले नहीं उतर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
गांव मरौरी निवासी रामचरन लाल ने बताया कि उसके पुत्र ठाकुरदास की शादी इसी थाना क्षेत्र के गांव पंडरी से हुई थी। दो महीने से पति-पत्नी के बीच मनमुटाव चल रहा था। आठ दिन पहले पुत्रवधू मीना देवी चार साल की पुत्री को साथ लेकर मायके चली गई थी। उसे कई बार बुलाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने आने से इंकार कर दिया था। पत्नी के न आने से पुत्र ठाकुरदास चार दिनों से डिस्प्रेसन में था। शनिवार की तड़के करीब चार बजे ठाकुरदास घर से कहीं चला गया। सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो देखा वह बिस्तर पर नहीं था। आशंका होने पर उसकी घर वालों ने तलाश शुरू की। तलाश के दौरान उसका शव बसंतापुर नहर पुलिया के पास पापुलर के पेड़ से लकटता मिला। उसके गले में बिजली की केबिल का फंदा कसा था और दूसरा छोर पतली शाखा से बंधा था। मृतक के पिता का कहना है कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं हैं। पत्नी के न आने के कारण डिप्रेशन में आकर पुत्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उधर आत्महत्या की बात लोगों के गले नहीं उतर रही है। वजह यह है कि जिस पेड़ की डाल से शव लटक रहा था। वह काफी पतली ली थी। उस डाल में केबिल बांधकर खुद लटकना संभव नहीं दिख रहा है।
एसओ दलवीर सिंह वर्मा ने बताया कि मृतक के पिता ने पुत्र द्वारा आत्महत्या कर लेने की तहरीर पुलिस को दी है। जिस के आधार पर शव को अंतिम परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। घटना स्थल और परिस्थितिजन्य साक्ष्य प्रथम दृष्टया आत्महत्या करने की ओर इशारा कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल सकी है।