लापरवाही से बस में छूट गई तीन साल की मासूम को पुलिस ने सही सलामत उसके परिवारीजनों तक पहुंचाया। पुलिस ने परिजनों को लापरवाही पर सख्त चेतावनी भी दी। इस दौरान घर वाले भी खुद की गलती को स्वीकारते दिखाई दिए।
थाना क्षेत्र के सरौरी गांव के निवासी मुकेश कुमार का परिवार गुरुवार रात को रिश्तेदारी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सुनगढ़ी क्षेत्र के गुटैया गांव में गया था। शुक्रवार को वापस घर जाने के लिए मुकेश की पत्नी हुकुमवती व अन्य लोगों ने तीन साल की बच्ची तनुषा को आसाम चौराहा से जहानाबाद जाने वाली निजी बस में बैठा दिया और खुद वहीं पर रुक गए। आपस में बातचीत करने के दौरान सभी बच्ची के बस में होने की बात भूल गए। बस चले जाने के बाद उनको बच्ची की याद आई तो सभी के होश फाख्ता हो गए। तुरंत ही आसाम चौकी पुलिस से शिकायत कर जानकारी दी। जिसके बाद पुलिस ने वायरलैस कर जहानाबाद पुलिस को बताया। एसओ जितेंद्र यादव ने सूचना पर क्षेत्र में चेकिंग शुरु कर बस को रोक लिया। जिसके बाद बच्ची को सही सलामत कब्जे में लेकर थाने ले गए। जानकारी मिलने पर परिवारीजन भी आ गए। जिसके बाद पुलिस ने लापरवाही पर सभी की जमकर क्लास लगाई और बच्चों को लेकर गंभीरता बरतने को कहा। खुद की लापरवाही को स्वीकारते हुए दुबारा ऐसा न होने की बात कही। मामला पूरे दिन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।