राजीव गांधी सेवा केंद्रों की जांच पूरी हो गई है। इसमें 179 केंद्रों में 1.58 करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है।
इस धनराशि की रिकवरी के लिए डीएम के आदेश पर 179 प्रधानों को नोटिस जारी किए गए हैं। रिकवरी की यह धनराशि प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक तीनों से की जाएगी।
वर्ष 2009-10 में जिले की 280 ग्राम पंचायतों में राजीव गांधी सेवा केंद्र बनाने के लिए 28 करोड़ की धनराशि जारी की गई थी। प्रति केंद्र को 10 लाख की धनराशि से निर्माण न कराकर कई स्थानों पर बंदरबांट कर लिया गया और कहीं केंद्र आज भी अधूरे पड़े हैं। इसकी शिकायतें होने पर डीएम के निर्देश पर जांच शुरू कराई गई। अधिकारियों एवं अभियंताओं की संयुक्त टीम से कराई गई।
करीब पांच माह से इसकी जांच चल रही थी, लेकिन राजनीतिक दबाव और अपनों के फंसने के डर से कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अमर उजाला में 18 दिसंबर के अंक में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने इसकी रिपोर्ट तलब की, जिस पर आनन-फानन में जांच रिपोर्ट निकालकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में 179 राजीव गांधी सेवा केंद्रों में उपयोग से अधिक धनराशि निकाली गई, जो कुल मिलाकर 1.58 करोड़ रुपये है। निकाली गई इस धनराशि की रिकवरी के लिए अब गड़बड़ी वाली 179 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
सेवा केंद्रों की ब्लाक वार स्थिति
ब्लाक कुल केंद्र गड़बड़ी वाले केंद्र
अमरिया 35 16
बीसलपुर 16 11
बिलसंडा 14 07
बरखेड़ा 26 24
ललौरीखेड़ा 27 17
मरौरी 47 44
पूरनपुर 115 60
कुल 280 179
सेवा केंद्रों की धनराशि की रिकवरी प्रधान, सचिव और तकनीकि सहायक तीनों से बराबर-बराबर की जाएगी। इसमें प्रधानों से सीधे और सचिव व तकनीकि सहायकों के वेतन से रिकवरी होगी।
-एके सिंह चंद्रौल, डीडीओ