टाइगर रिजर्व में शिकार की तलाश में घूम रहे शातिर शिकारी को वन विभाग ने वन्यजीव अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। वनकर्मी मौके से फरार हो गए दो साथियों की तलाश में जुटा है।
महोफ रेंज में उत्तराखंड की सुरई रेंज से सटे मलासी क्षेत्र के कंपार्टमेंट नंबर 98 में शुक्रवार को वनकर्मियों रमेश चंद्र भट्ट और रघुवीर सिंह रावत ने तीन संदिग्ध लोगों को घूमते देखा। अधिकारियों को सूचना देकर वनकर्मियों ने तीनों को पकड़ने का प्रयास किया, जिसमें दो शिकारी फरार हो गए जबकि एक को पकड़ लिया गया। रेंज कार्यालय पर लाकर उससे पूछताछ की गई।
वनकर्मियों के मुताबिक पकड़े गए युवक ने अपना बंटीनाथ निवासी भोनीपुर थाना ब्रदी हरिद्वार उत्तराखंड बताया। वनकर्मियों ने उसके पास से मारे गए हिरन की सींग भी बरामद करने का दावा किया है। शनिवार को शिकारी के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर वन क्षेत्राधिकारी केपी सिंह ने उसे जेल भेज दिया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि करीब एक साल पूर्व महोफ रेंज में बाघ की हत्या के मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
दो माह पूर्व ही वह जमानत पर छूट कर आया है। उन्होंने बताया पकड़े शिकारी के फरार साथी शकीरा और सईद हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। वन कर्मियों ने दावा किया कि आरोपी बंटीनाथ का पिता अमरनाथ बिजनौर के निकट अमानगढ़ रेंज में दो बाघों की हत्या के मामले में उत्तराखंड जेल में बंद है।
दावा किया कि पकड़े गए शिकारी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पिछले वर्ष महोफ में मारे गए बाघ की खाल अभी बिक्री नहीं की है, लेकिन वह कहां है? इसकी जानकारी वह नहीं दे सका। वन विभाग अब उसके पास से बाघ की खाल बरामदगी के प्रयास कर रहा है।