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जुआरियों को छोड़कर पुलिस ने हड़पे 1.30 लाख रुपये

Sun, 29 Nov 2015 11:11 PM IST
plibhit
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जहॉनाबाद की बेलगाम पुलिस अपने कारनामों से एक बार फिर चर्चा में आ गई। पुलिस ने गांव डांग में जुआ खेलते समय तीन जुआरियों को दबोच लिया, जबकि चार अन्य भाग निकले। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस ने फड़ और जुआरियों के पास से करीब 1.30 लाख की नगदी बरामद की। पकड़े गए गांव के दो युवकों को मौके पर ही छोड़ दिया गया, जबकि तीसरे को रास्ते में लाकर रफूचक्कर कर दिया गया। हालांकि पुलिस जुआ पकड़े जाने की बात से साफ इंकार कर रही है।
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थाने के पुलिस सूत्रों ने बताया कि किसी ग्रामीण ने शनिवार की शाम एसओ के मोबाइल पर कॉल कर गांव डांग से सटे एक खेत में लाखों रुपये का जुआ होने की सूचना दी थी। सूचना पर एसओ ने एक दरोगा और सिपाहियों को सरकारी जीप से मौके पर भेजा था। पुलिस ने तीन लोगों को मौके पर दबोच लिया, जबकि चार अन्य भाग जाने में सफल रहे थे। फोर्स के पहुंचने पर गांव के कुछ लोग भी मौके पर जुट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फड़ से करीब 80 हजार रुपये बरामद किए। बताते हैं कि मौके पर तलाशी लेने पर गांव के दोनों युवकों की जेब से पांच हजार रुपये बरामद कर पुलिस ने अपने पास रख लिए और दोनों को छोड़ दिया। पुलिस ने पकड़े गए तीसरे बाहरी युवक की जेब से 40 हजार रुपये बरामद कर लेकर चले गए। बाद में उसे भी रास्ते से छोड़ दिया।
एसओ धनंजय सिंह ने बताया कि सूचना पर दबिश दी गई थी, लेकिन पुलिस को देखकर जुआरी मौके से भाग गए थे। मौके पर न तो कोई जुआरी पकड़ा गया और न ही फड़ पर रुपये बरामद हुए हैं।
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पहले भी कई मामलों में
पुलिस कर चुकी खेल
जुआरियों को पकड़े जाने के बाद छोड़ने का यह कोई पहला मामला नहीं है। दो महीने पहले एसओ धनंजय सिंह ने नानकमत्ता से चोरी कर लाई गई बाइक के पार्टस खुलवाते समय कसबा निवासी बाइक चोर गैंग के चोर मोहल्ला काजी टोला निवासी जाकिर समेत तीन लोगों को पकड़ा था। पुलिस ने तीनों को मोटी रकम लेने के बाद में छोड़ दिया था। एसओ का कहना था कि उन्होंने मुख्य आरोपी जाकिर को छोड़ा नहीं था बल्कि उसे दूसरे की सुपुर्दगी में दिया गया था। खबर अमर उजाला में छपने के बाद पुलिस ने आरोपी चोर को आनन-फानन में गिरफ्तार कर चालान कर दिया था। हफ्ते भर पहले पुलिस ने प्रतिबंधित मांस समेत चार लोगों को हिरासत में लिया था। इस मामले में पुलिस ने दो दिन हिरासत में रखने के बाद तीन आरोपियों को छोड़ दिया, जबकि भगाडांडी निवासी आसिफ का चालान चालान कर दिया था। यह तो सिर्फ बानगी भर है। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें एसओ ने जमकर खेल  किया। प्रदेश के एक राज्यमंत्री के खास होने के कारण पुलिस अफसर एसओ पर कार्रवाई करने से कतराते हैं।


मामला मेरे संज्ञान में आया है। सीओ जहॉनाबाद से इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में यदि बात सही मिलती है तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।  -जवाहर एसपी
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