डीएम के निर्देश पर शहर में सोमवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। पहले दिन अभियान सिर्फ छोटे व्यापारी ही निशाने पर रहे। विरोध करने पर पुलिस ने दो दुकानदारों को हिरासत में ले लिया। जिसके चलते अन्य दुकानदार विरोध करने का साहस नहीं जुटा सके।
सिटी
मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा के नेतृत्व में नगर पालिका प्रशासन ने
पुलिस के सहयोग से सोमवार को रेलवे स्टेशन परिसर से अतिक्रमण हटाओ अभियान
सलाया गया। जेसीबी मशीन द्वारा नाले के आगे किए गए अवैध निर्माण को तोड़ने
पर व्यापारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। कुछ व्यापारी अभियान का विरोध
करने के लिए जेसीबी मशीन के आगे बैठने का प्रयास करने लगे।
पुलिस ने विरोध
कर रहे दुकानदार वासु व उनके ताऊ लालता प्रसाद को हिरासत में ले लिया।
पालिका अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी मशीन द्वारा सड़क के दोनों ओर नाले
पर बनाए गए चबूतरे, स्लैब, भट्टियों और दुकानों के आगे लगे बोर्डों और
छज्जों को धवस्त कर दिया गया। पालिका कर्मचारियों ने मलबे को कब्जे में
लेकर उसे ट्रालियों में भरवा दिया। शाम तक रेलवे स्टेशन चौराहे तक ही
अभियान चलाया जा सका।
इस दौरान एएसपी सुधीर कुमार, सीओ सिटी कौशलेंद्र
कुमार, अधिशासी अधिकारी अरुणमणि त्रिपाठी, कर निर्धारण अधिकारी नर सिंह
राणा, एसओ ब्रजेश कुमार, अतुल प्रधान, नजूल लिपिक संतोष कुमार, अमित कुमार,
शिवकुमार आदि मौजूद रहे। इधर अभियान के डर से चीनी मिल रोड व स्टेशन रोड
के दोनों किनारों पर जमे दुकानदारों ने अपने फड़ व खोखे हटा लिए। इधर सिटी
मजिस्ट्रेट ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा। मंगलवार को स्टेशन रोड
पर अभियान चलाया जाएगा।
जमींदोज निकला पुराना नाला
रेलवे
स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के एक ओर स्लैब तोड़ने के दौरान पुराना नाले
पर अतिक्रमण कर उसके आगे दूसरा नाला बनाने का मामला प्रकाश में आया। इस पर
अधिकारियों ने पुराने नाले को ही आधार मान उसके आगे किए निर्माण को
तुड़वाना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया, लेकिन
पुलिस की मौजूदगी के चलते कोई भी विरोध का साहस नहीं कर सका।
छांव तलाशते रही पुलिस
अतिक्रमण
अभियान को लेकर भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा, लेकिन तेज धूप के चलते पुलिस
पूरे समय रेलवे स्टेशन चौराहा के समीप पेड़ की छांव के नीचे ही जमी रही।
इस बार भी निशाने पर रहे छोटे दुकानदार
अतिक्रमण
हटाओ अभियान के दौरान हर बार की तरह इस बार भी छोटे व्यापारी ही निशाना
बने। पिछले कुछ सालों से अभियान स्टेशन परिसर के समीप से ही चलाया जाता रहा
है और अपनी मंजिल तक पहुंचने से पहले ही ठप हो जाता है।