जंगल से भटककर खेतों में पहुंचे पाडे के बच्चे को गांव के कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने उसे किसी तरह बचाया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम उसे लेकर सदर पशु चिकित्सालय पहुंची। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
वनकटी के निकट रम्पुरा गांव में बाघ के हमले के बाद से दहशत है। इसके बाद बाघ की लोकेशन वल्देवपुर गांव के आसपास देखी गई थी। इसके लिए वन विभाग की टीमें गश्त कर रही हैं लेकिन उन्हें बाघ नहीं मिली। अलबत्ता शुक्रवार सुबह वल्देवपुर और चांट गांव के बीच खेतों में घूम रहे पाडे (हिरन प्रजाति) के बच्चे को गांव के कुत्तों ने घेर कर हमला कर दिया। कुत्तों का हमला देख गांव वालों ने उसे बचाया और वनकर्मियों को सूचना दी। गांव के निकट ही टीम के साथ गश्त कर रहे रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, वन दरोगा दीनानाथ श्रीवास्तव आदि के साथ मौके पर पहुंचे। पाडे के घायल बच्चे को लेकर सदर पशु चिकित्सालय लाया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि पाडे के बच्चे की उम्र लगभग छह सात माह रही होगी। सदर पशुचिकित्सालय में ही उसका पोस्टमार्टम कराकर शव दफना दिया जाएगा।