स्कूल से बच्चों को लाने और ले जाने वाले एक रिक्शा चालक को दूसरी गली से रिक्शा ले जाना काफी महंगा पड़ गया। बच्चों के शोर मचाने पर लोगों ने रिक्शा चालक को पकड़ लिया और बच्चों को अगवा करने की कोशिश की आशंका में उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया गया। स्कूल स्टाफ आदि के आने के बाद में पुलिस ने जांच के बाद उसे छोड़ दिया।
मोहल्ला मोहम्मद फारूख के कई बच्चे शहर के एक मांटेसरी स्कूल में पढ़ते हैं। सालों से मोहल्ले का एक युवक रिक्शे से बच्चों को स्कूल लाता और ले जाता है। रिक्शा चालक की पत्नी भी स्कूल में कर्मचारी है। रिक्शा चालक हमेशा छोटे-छोटे बच्चों को चूड़ी वाली गली से लेकर आता-जाता था। रविवार को गांधी प्रेक्षा गृह में स्कूल का एक कार्यक्रम था। कार्यक्रम में बच्चों के शामिल होने के बाद रिक्शा चालक बच्चों को लेकर जब रवाना हुआ तो उसने एक सिनेमा हाल की गली में रिक्शा मोड़ दिया। इससे बच्चों में हड़कंप मच गया। बच्चों के शोर मचाने और रोने पर वहां तमाम लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने अपहरण करने की आशंका पर रिक्शा चालक को पकड़ लिया। रिक्शा चालक लाख सफाई देता रहा, लेकिन उग्र भीड़ ने उसकी एक नहीं सुनी और जमकर पिटाई कर दी। पिटाई करने के बाद उसे सुनगढ़ी पुलिस को सौंप दिया गया। मामले की जानकारी होने पर स्कूल प्रबंधन के लोग भी थाना सुनगढ़ी पहुंचे।
इंस्पेक्टर अतुल प्रधान ने बताया कि पूछताछ के बाद रिक्शा चालक को छोड़ दिया गया है। रिक्शा चालक जल्दी पहुंचने के चक्कर में दूसरी गली से बच्चों को ले जाने का प्रयास कर रहा था।