अमरिया कस्बे में 14 महीने पहले छह वर्षीय बालक मोनिस को छुरी से काटकर कई टुकड़े करने वाले युवक नजीम को एडीजे संजीव शुक्ला ने मंगलवार को फांसी की सजा सुनाई। नजीम को घटनास्थल से पकड़ा गया था और वह तब से जिला जेल में बंद है।
यह नृशंस हत्या 21 फरवरी 2017 को हुई थी। बालक मोनिस अमरिया के ही मोहम्मद नईम का बेटा था। आरोपी नजीम मियां भी वहीं का रहने वाला है। रिपोर्ट बालक मोनिस के ताऊ मोईन की ओर से अमरिया थाने में लिखाई गई थी। मोईन का कहना था कि 21 फरवरी को उसका भतीजा मोनिस घर के बाहर खेलते-खेलते कहीं गुम हो गया था। इसके बाद उसने परिजनों के साथ मिलकर मोनिस की तलाश शुरू की। दोपहर साढ़े 12 बजे कस्बे के ही लईक अहमद ने बताया कि मोनिस को नजीम मियां गोदी में लेकर एक मकान की तरफ गया है। इस पर वे लोग बताए गए मकान के अंदर गए तो देखा कि वहां कमरे में आरोपी नजीम बच्चे को बुरी तरह छुरी से काटकर टुकड़े-टुकड़े कर रहा था। सिर भी धड़ से अलग था। बच्चे के शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था।
तत्काल यूपी 100 को सूचना दी गई तो पुलिस वहां पहुंच गई। सभी लोगों ने पुलिस की मदद से नजीम को छुरी सहित पकड़ लिया। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा लगता था कि नजीम मियां ने बुरी नीयत से बच्चे को पकड़ा हो और विरोध करने पर बुरी तरह काटकर हत्या कर दी हो।
विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए शासकीय अधिवक्ता काजी रिफाकत हुसैन फरहान और वादी पक्ष के विशेष अधिवक्ता पूर्व डीजीसी बीपी सिंह राणा ने सात गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए। एडीजे ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस मानते हुए नजीम को फांसी की सजा के साथ ही 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
...मांस बेचने का भी गया था शक
घटना के बाद मौके पर जब पुलिस पहुंची तो बालक मोनिस के शरीर के टुकड़ों में से कुछ वहां एक पॉलिथीन में रखे मिले थे। तब यह चर्चा हुई थी कि स्मैक के आदी नजीम ने नशे के लिए रुपये जुटाने की मंशा से मांस बेचने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें एफआईआर के तथ्यों की ही पुष्टि की गई।