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जहर खाने वाली गैंगरेप पीड़िता की बरेली में मौत

Mon, 25 May 2015 11:45 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला पीलीभीत
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19 मई को थाना क्षेत्र के एक गांव की 38 वर्षीय दलित महिला रहस्यमय ढंग से गायब हो गई थी। महिला के पति ने गांव के रामसेवक पर पत्नी को मायके जाते समय बाइक पर बिठाकर भगाकर ले जाने की तहरीर पुलिस को दी थी। पत्नी पर घर में रखे जेवर को साथ ले जाने का भी आरोप लगाया था। 23 मई को घर वापस लौटी महिला ने पति को बताया कि रामसेवक व उसके भाई महेश कुमार और रामनिवास ने बरेली ले जाकर उसे बंधक बनाया और सामूहिक दुराचार किया। जिस पर पति उसे लेकर थाने पहुंचा और तीन सगे भाइयों रामसेवक, महेश कुमार और रामनिवास के खिलाफ अपहरण कर गैंगरेप करने की तहरीर पुलिस को दी। पुलिस घटना को लेकर गंभीर नहीं हुई और रिपोर्ट नहीं लिखी। इस पर पति-पत्नी सीओ बीसलपुर के पास पहुंचे और पूरी घटना बताई। सीओ सुवेग सिंह सिद्धू ने उसे थाना बिलसंडा भेजा। सीओ के कहने पर पीड़िता दोबारा थाने पहुंची। जिस पर पुलिस ने एससीएसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन न तो पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और न ही आरोपियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की। थाने से वापस लौटी महिला ने उसी दिन कुछ देर बाद जहर खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। घर वाले उसे बरेली के एक अस्पताल ले गए, जहां सोमवार को उसकी मौत हो गई। गैंगरेप पीड़िता के जहर खाने की सूचना भी पुलिस को उसी दिन मिल गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने उसके मृत्यु पूर्व बयान नहीं लिए। बरेली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव उसके घरवालों के सुपुर्द कर दिया। एसओ राजेश यादव का कहना है कि घटना की रिपोर्ट 23 मई को ही दर्ज कर ली गई थी। उन्हें जहर खाने की जानकारी नहीं थी। इसलिए उसके मृत्यु पूर्व बयान नहीं हो सके। मृतका के घर वाले कोई तहरीर देते हैं तो दर्ज मुकदमे को उचित धाराओं में तरमीम कर दिया जाएगा।
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प्रथम दृष्ट्या पता चला है कि महिला के रामसेवक के साथ प्रेम संबंध थे। वह अपने एक बच्चे को लेकर उसके साथ गई थी। बाद में वह अपने पति के प्रभाव में आकर रिपोर्ट लिखाने थाने पहुंची थी। महिला शाम को थाने पहुंची थी, इसलिए उसे मेडिकल परीक्षण के लिए नहीं भेजा गया था। जहर खाने के बाद महिला बरेली में भर्ती हो गई वहीं उसके मजिस्ट्रेटी बयान हुए हैं।
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सुधीर कुमार सिंह, एएसपी

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