एचडीएफसी बैंक
शाखा के सुरक्षा गार्ड परमेश्वरी दयाल की पिटाई करने के मामले की रिपोर्ट
सुनगढ़ी पुलिस ने दर्ज कर ली। मेडिकल परीक्षण में घायल के चेहरे पर गंभीर
चोटें आने व दरोगा में अल्कोहल की पुष्टि की गई है। एसपी जेके शाही ने
दरोगा को सस्पेंड कर दिया है। उधर सुनगढ़ी पुलिस ने दरोगा को थाने से जमानत
देकर रिहा कर दिया।
शनिवार को बदायूं से स्थानांतरित होकर दरोगा विनोद
कुमार सिंह पीलीभीत पहुंचा। इसी दिन शाम करीब सात बजे वह सादी वर्दी में
नशे में छतरी चौराहा पर स्थित एचडीएफसी बैंक शाखा पर गया और अपने को शहर
कोतवाल बताते हुए तैनात गार्ड कृष्णबिहार कॉलोनी निवासी परमेश्वरी दयाल से
बैंक का शटर खोलने को कहा।
बैंक बंद होने की बात कहने पर दरोगा ने
परमेश्वरी दयाल से बैंक की चाभी मांगी। चाभी देने से इंकार करने पर उसने
गालीगलौज करते हुए सुरक्षा गार्ड की जमकर पिटाई कर दी। बैंक शाखा के निकट
लगे एटीएम पर पैसे निकालने आए लोगों ने गार्ड को बचाने की कोशिश की, लेकिन
दरोगा नहीं माना और वहां गार्ड की पिटाई करने के बाद वहां रखे गमले आदि
तोड़फोड़ दिए।
सूचना पर पहुंचे सुनगढ़ी प्रभारी निरीक्षक ने जब आरोपी दरोगा
को जीप में बैठाने का प्रयास किया तो वह उनसे भी भिड़ गया। जिससे गुस्साए
हमराही सिपाहियों ने उसकी पिटाई कर हिरासत में ले लिया था। सुनगढ़ी पुलिस
ने देर रात सुरक्षा गार्ड की ओर से मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कर दोनों का
मेडिकल परीक्षण कराया।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में
सुरक्षा गार्ड के चेहरे पर गंभीर चोटें पाई गई हैं। जबकि दरोगा के मेडिकल
परीक्षण में अल्कोहल की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि दरोगा को थाने से
जमानत देकर रिहा कर दिया गया है। उधर एसपी जेके शाही ने बताया की आरोपी
दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया है।
चौकी इंचार्ज व सिपाही लाइन हाजिर
पीलीभीत।
17 मार्च को थाना गजरौला क्षेत्र की पुलिस चौकी जरा के पास वाहन चेकिंग के
दौरान चौकी पर तैनात सिपाही मोहन सिंह ने बाइक पर सवार थाना सुनगढ़ी के
गांव पिपरा निवासी ज्ञानो देवी का हाथ पकड़ कर खींच लिया। जिससे वह गिरकर
घायल हो गई।
घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो
गई थी। गजरौला पुलिस ने मृतका के पुत्र रामकुमार की ओर से आरोपी सिपाही के
खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी। एसपी जेके शाही ने बताया कि
सीओ की जांच रिपोर्ट में चौकी इंचार्ज की लापरवाही मानी गई है। जिस पर
चौकी इंचार्ज श्रीकृष्ण अवतार शुक्ला व आरोपी सिपाही मोहन सिंह को
लाइनहाजिर कर दिया गया है।