करंट लगने से गंभीर रूप से झुलसे युवक को चिकित्सकों के जवाब दे दिया। घरवाले रेत में उसका शरीर दबाकर रखें हैं। उसके मुंह और हाथ बाहर हैं, उस पर घी आदि की मालिश कर बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
थाना क्षेत्र के गांव सुंदरपुर निवासी 30 वर्षीय सुरेश गिरी रविवार को सुबह करीब 10 बजे फर्राटा फैन से धान की सफाई कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने चलते पंखे की दिशा मोड़ने के लिए हाथ लगाया। हाथ लगाते ही उन्हें तेज झटका लगा और वह गिर गए। साथ ही फर्राटा फैन भी उनके ऊपर आ गया। जब तक घरवाले मेन लाइन बंद कर उन्हें पंखे की चपेट से दूर करते तब तक सुरेश गंभीर रूप से झुलस चुके थे। घरवाले उन्हें लेकर कस्बे के एक प्राइवेट अस्पताल पहुंचे। हालत गंभीर होने पर उन्हें पीलीभीत रेफर कर दिया गया। शहर में भी कई चिकित्सकों को दिखाया, लेकिन सभी ने उनका इलाज करने से इंकार कर दिया। घरवाले उन्हें घर ले आए। उन्हें जीवित बचाने के लिए घरेलू उपाय शुरू कर दिए गए। गांव के बुजुर्गों के कहने पर घरवालों ने सुरेश को रेत में दबा दिया है। उनका सिर और दोनों हाथ बाहर हैं। जिसपर घर वाले देसी घी से मालिश कर रहे हैं। सुरेश की पत्नी पार्वती ने बताया कि सुबह अचानक पंखा गिरने से उन्हें करंट लग गया था। सुरेश के चार साल का बेटा अंश और दो साल की बेटी अंशिका है। सूचना मिलने पर तमाम रिश्तेदार भी पहुंच गए है।
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जिला अस्पताल में इस तरह का कोई मरीज नहीं पहुंचा है। यदि घरवाले कुछ प्रयास कर रहे हैं तो यह उनका निजी मामला है। उपाय कितना कारगर है, कुछ कहना मुश्किल है।
आरसी शर्मा, सीएमएस