थाना बरखेड़ा के गांव परेवाअनूप निवासी 45 वर्षीय रामचंद लाल का कंकाल गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित अमेड़ी नदी के पिपराखास घाट पर बरामद हुआ है।
वह पांच नवंबर को बिना बताए घर से निकले थे। कंकाल की शिनाख्त मृतक के पुत्र अशोक कुमार ने कपड़ों और कंकाल को देखकर की है। मृतक के घर वाले नदी में डूबकर मौत होने की आशंका जताई है।
ग्राम परेवाअनूप-पिपराखास कच्चे मार्ग पर पड़ने वाली अमेड़ी नदी के पानी में चार दिन से आने-जाने वाले लोग एक कंकाल उतराता हुआ देख रहे थे, लेकिन किसी ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी।
बुधवार को गांव परेवा अनूप निवासी मुकेश कुमार किसी काम से नदी की ओर गया था। इसी बीच उसकी नजर कंकाल पर पड़ी। शक होने पर वह घर पहुंचा और उसने अपने तहेरे भाई अशोक कुमार को कंकाल पड़े होने की सूचना दी।
सूचना पर अशोक कुमार मौके पर पहुंचा और कंकाल देखा तो मुंह का एक दांत टूटे होने और पड़ोस में पड़े कपड़ों से उसने कंकाल की शिनाख्त अपने पिता रामचंदलाल के रूप में की। कंकाल मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया।
रोते-बिलखते परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए। अशोक कुमार ने बताया कि उसके पिता फालिज लगने के कारण हल्के विकलांग थे। वह खटीमा में स्थित एक कृषि फार्म पर मजदूरी करते थे।
करीब दो माह पूर्व वह खटीमा से आकर घर पर रह रहे थे। उसका कहना है कि पिता अक्सर बिना बताये घर से चले जाते थे और कई-कई दिनों बाद वापस आ जाते थे। पांच नवंबर को भी पिता बिना बताए घर से चले गए।
परिवार के लोगों ने खटीमा फार्म पर काम करने जाने की बात को सोचकर उनकी तलाश नहीं की। उसने बताया कि उसका खेत भी नदी के दूसरी ओर है।
आशंका जताई की पिता की मौत नदी पार करते समय डूबने से हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। एसओ सुरेश कुमार सिंह ने बताया कि मृतक के पिता रामप्रसाद राठौर ने पुलिस को तहरीर दी है।
जिसमें मौत पानी में डूबने से होने की आशंका जताई है। मृतक की पत्नी कमला देवी, इकलौता पुत्र अशोक कुमार और पांच पुत्रियां हैं। उन्होंने बताया कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद साफ हो सकेगा।