कोर्ट में विचाराधीन मामले में कोतवाली पुलिस डेढ़ साल में भी गैंगस्टर
एक्ट के आरोपी उस्मान के मरने की रिपोर्ट अदालत नहीं भेज सकी। अपर सत्र
न्यायाधीश सत्यप्रकाश ने रिपोर्ट भेजने के बाबत शहर कोतवाल को कड़ा पत्र
लिखा है।
शहर के मोहल्ला वशीर खां निवासी फुंदन के पुत्र उस्मान पर
गैंगस्टर एक्ट के तहत 1999 में मुकदमा दर्ज हुआ। यह मामला तभी से कोर्ट में
विचाराधीन है। उस्मान 16 दिसंबर 2013 से अदालत से गायब हो गया। अदालत को
बताया गया कि वह मर गया है। इस पर कोर्ट ने उस्मान की फौती रिपोर्ट (मरने
की रिपोर्ट) कोतवाली पुलिस से तलब की।
दर्जनों तारीखें अदालत में सुनवाई के
लिए लगाई गई लेकिन पुलिस ने मरने की रिपोर्ट नहीं पेश की। इससे अदालत में
उस्मान मामले की कार्रवाई समाप्त नहीं हो पा रही है।
अदालत ने शहर
कोतवाल को लिखित चेतावनी दी है कि नौ जुलाई तक फौती रिपोर्ट न आने पर
अनुशासन की कार्रवाई के लिए पुलिस के उच्चाधिकारियों को आदेशित किया जाएगा।
कोतवाली पुलिस की यह लापरवाही खासा चर्चा में है।