पुलिस कस्टडी में शकील और सद्दाम की मौत के मामले में बिसरा रिपोर्ट न आने पर जांच अटकी हुई है। बिसरा रिपोर्ट जल्दी मंगवाने को प्रयोगशाला को स्मरण पत्र भेजा गया है। इधर सीओ जहानाबाद जगतराम जोशी ने सोमवार की शाम को कोतवाली पहुंचकर घटना के दिन मौजूद रहे पुलिस कर्मियों के बयान लिए। उधर घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित पक्ष में रोष है।
पूरनपुर देहात के मोहल्ला रजागंज निवासी शकील अहमद और सद्दाम को पुलिस ने तीस मार्च की शाम को मादक पदार्थ रखने के आरोप पर गिरफ्तार किया था। दोनों की 31 मार्च को पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। भारी धरना प्रदर्शन पर एसपी ने कोतवाल शक्ति सिंह, संतरी पहरा और कार्यालय में तैनात मुंशी को निलंबित कर दिया था। जबकि कस्बा चौकी इंचार्ज आरके पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया था। पुलिस ने मृतक सद्दाम की पत्नी शवीना की ओर से कोतवाल शक्ति सिंह, एसआई शकील अहमद, राजेश मौर्या, कांस्टेबिल मलिक, कश्मीरुल, फईम, सीएचसी के डॉ. अभिनव पांडेय और छह सात अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने, षडय़ंत्र करने की रिपोर्ट दर्ज की थी। तभी से आरोपी पुलिसकर्मी फरार हैं। मामले की जांच कर रहे सीओ जहानाबाद जगतराम जोशी ने सोमवार की शाम को कोतवाली पहुंचकर घटना के दिन ड्यूटी पर रहे पुलिस कर्मियों से घटना के बावत पूछताछ की। पूछताछ के बाद उन्होंने बताया कि पीड़ित पक्ष को दुबारा पूछताछ को कोतवाली बुलाया गया था, लेकिन उनके घर न मिलने पर पूछताछ नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि जांच में नामजद आरोपी अब तक बयान देने को नहीं आए। उन्होंने बताया कि जांच करीब पूरी ाहो चुकी है। बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है। बिसरा रिपोर्ट अब तक न आने पर प्रयोगशाला को स्मरण पत्र भी भिजवाया गया है। उधर, अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पीड़ित पक्ष में रोष है।