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जान बचाने के लिए भाग रहे थे बच्चे

Fri, 17 Apr 2015 12:06 AM IST
घुंघचाई/पीलीभीत।
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निर्माणाधीन स्कूल का बीम गिरने से एक शिक्षिका व एक छात्रा की मौत की घटना के बाद स्कूली बच्चों और स्टाफ में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। मौके पर पहुंची भीड़ ने बमुश्किल बीम के मलबे को हटाकर शवों को निकाला। छात्रा पूजा की मौत पर उसकी मां का एकमात्र सहारा भी छिन गया। घटना के बाद शिक्षिका और छात्रा के परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है।
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जिस समय घटना घटी उस समय बच्चे और स्टाफ स्कूल से निकल रहे थे। जिसे सुन गांव के लोगों की भीड़ वहां पहुंच गई, लेकिन हादसे से भयभीत स्कूल का स्टाफ भाग कर दूर जा खड़ा हुआ। भीड़ ने बमुश्किल बीम के मलबे को हटाकर शवों को निकाला। तब स्कूली बच्चे व कुछ स्टाफ भी वहां पहुंच गया। आक्रोशित लोग स्कूल परिसर में मिले स्कूल प्रबंधक को पीटने पर उतारू थे। भारी भीड़ देखकर स्कूल प्रबंधक बेहोशी का नाटक कर जमीन पर लेट गए। जब तक पुलिस और अफसर मौके पर जा पहुंचे।

इससे पहले ही स्कूल प्रबंधक स्कूल से खिसक गया। एसडीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि स्कूल प्रबंधक की लापरवाही से घटना हुई है। एफआईआर दर्ज कराने के साथ प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आदि को लेकर डीएम रिपोर्ट को भेजी जाएगी।
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मौके पर पहुंचे शिक्षिका के कुछ रिश्तेदार स्कूल प्रबंधक के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। घटना के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कराने का आश्वासन दिया गया। स्कूल प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
- ज्ञानेंद्र सिंह, एसडीएम पूरनपुर
सभी स्कूलों की कराई जाएगी जांच ः विधायक
विधायक पीतमराम ने कहा कि दुखद घटना हुई है। अब क्षेत्र के सभी स्कूल भवनों के मानक को लेकर जांच कराई जाएगी। बच्चों के साथ खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बगैर मान्यता के चल रही थी कक्षाएं
पूरनपुर। जिस स्कू ल में घटना हुई। उसमें एनसी से इंटर तक की कक्षाएं चलाई जा रही थी। खंड शिक्षा अधिकारी डीएल राना ने बताया कि स्कूल को कक्षा छह से दस तक की मान्यता है। पूरे मामले की जांच कराकर विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी।
शांती का आखिरी सहारा भी छिना
घुंघचाई। गांव नरायनपुर के नत्थूलाल की पुत्री शांती देवी ने बताया कि उसकी कई साल पहले बंडा थाना क्षेत्र के गांव सिंहपुर पनही के रामप्रसाद से शादी हुई थी। तब उसने करिश्मा को जन्म दिया। करिश्मा डेढ़ साल की हो पाई थी। इस दौरान उसके पति की मौत हो गई। पति की मौत के बाद अपने मायके आकर रहने लगी। जीवन में करिश्मा ही उसका एक मात्र सहारा था। जिसको पढ़ाकर कुछ बनाने की ख्वाइस थी, लेकिन भगवान ने तो उसका एक मात्र सहारा भी छीन लिया।
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