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राज न खुले इस लिए अब सीसीटीवी कैमरा भी हो गया खराब

Sat, 02 Apr 2016 12:46 AM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
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कैमरा
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पुलिस अपनी गर्दन बचाने को सारे सबूत या तो नष्ट कर रही है या फिर कुछ संयोग ऐसा है कि कदम कदम पर हर पासा उसके उल्टा बैठ रहा है। पुलिस हिरासत में दो युवकों की मौत मामले में अगर पुलिस अपने को बेगुनाह बता रही है तो कोतवाली में लगे सीसी टीवी कैमरे उसके लिए मददगार साबित हो सकते थे। क्योंकि कोतवाली के भीतर आने से लेकर अन्य घटनाक्रम तक सब कुछ कैमरे में कैद हुआ होगा। पर अब पुलिस उसे भी दो दिन से खराब बता रही है। कैमरे वास्तव में दो दिन पहले खराब हुए या फिर उसे जानबूझ कर पुलिस ने खराब कर दिया यह तो जांच के बाद ही पता लग सकेगा लेकिन कैमरे का उसी दिन खराब होना जिस दिन पुलिस दोनों युवकों को थाने लाई थी पुलिस की मुश्किल बढ़ा सकता है। 
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कोतवाली को तीसरी आंख की नजर में रखने को हाल में ही कोतवाली में दो सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। कैमरों की एक माह की रिकार्डिंग सेफ करने का भी इंतजाम किया गया ताकि कोतवाली की हर गतिविधि कैमरों मेें कैद हो सके और मिली खामियों में सुधार किया जा सके। दो कैमरों में एक कैमरा कोतवाल के कक्ष के बाहर इस तरह लगाया गया कि कोतवाली गेट और उसके आसपास की गतिविधि कैमरे में कैद होती रहे। एक कैमरा जीडी रूम में लगाया गया। इससे जीडी रूम की गतिविधि पर नजर रखी जा सके। सीओ राजेश्वर सिंह ने बताया कि दो दिनों से कैमरे जांच में बंद पाए गए हैं। 

कहीं प्रीप्लान तो नहीं हुई युवकों की हत्या
पूरनपुर। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक कोतवाली में सब कुछ ठीक था। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने सफाई कर्मचारी को बुलाकर हवालात की सफाई कराई थी। हवालात में बंद दोनों युवकों ने मिले कंबलों को झाड़ा था। इसके कुछ देर बाद ही अचानक युवकों की हालत बिगड़ गई और करीब दो घंटे बाद ही एक-एक कर शकील और सद्दाम ने दम तोड़ दिया। पुलिस भले ही पुलिस अभिरक्षा में किसी की हत्या आदि क्यों करने का तर्क दे रही हो और दबी जुबान से युवकों के ऐसा कुछ खाने या किसी करीबी द्वारा कुछ खिलाना मान रही है जिससे दोनों युवकों की मौत हुई है, लेकिन पुलिस की कहानी लोगों के गले नहीं उतर रही है। लोगों का मानना है कि कोतवाली पहुंचकर किसी को जहर देकर हत्या करने का साहस कौन कर सकता? और फिर दोनों युवकों ने किसी बगैर दबाव के इतनी आसानी से बगैर शोर आदि किए कोई चीज खा कैसे ली। ऐसा कौन सा जहरीला पदार्थ था, जिसका असर मात्र कुछ देर में हुआ और युवकों की मौत हो गई। कोई करीबी आदि युवकों को जहर देगा क्यों आदि सवाल लोगों को बार-बार कुरेदने को मजबूर कर रहे हैं।
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प्रथमदृष्ट्या जांच में युवकों के कुछ स्वयं खाने या किसी करीबी द्वारा कुछ खिलाना लगा रहा है। हालांकि इसमें पुलिस की पूरी तरह खामी रही है। लापरवाही का परिणाम पुलिसकर्मियों मिला है। पूरे मामले की जांच चल रही है। जांच में अगर और दोषी पाए जाएंगे तब उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी, लेकिन यह सब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगा। 
राजेश्वर सिंह, सीओ

पकड़ा कहीं और से और दिखा दिया कहीं और से
पूरनपुर। पुलिस कब रस्सी का सांप बना दे यह कहावत आज चरितार्थ होती रहती है। शकील और सद्दाम के साथ ही कुछ ऐसा ही हुआ है। दरअसल सद्दाम और शकील को रेलवे लाइन किनारे एक घर के कुछ लोगों ने चोरी के आरोप में पकड़ कर पुलिस को सौंपा था लेकिन पुलिस ने दोनों को शेरपुर रेलवे फाटक के समीप से मादक पदार्थों सहित गिरफ्तार करना दर्शा दिया। 
शवों को सुपुर्देखाक होने से पहले सद्दाम के घर के समीप मिले पूरनपुर देहात के मोहल्ला खानकाह निवासी और सद्दाम के मित्र शमशेर ने बताया कि सद्दाम हंसमुख और सीधे स्वभाव का था। रेलवे लाइन किनारे एक घर में घुसकर चोरी करने के आरोप में बुधवार की शाम को कुछ लोगों ने पकड़ा था। इस दौरान शकील भी मौके पर पहुंच गया था। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों को साथ कोतवाली ले गई। शकील की मां सगीरन ने बताया कि कुछ लोगों ने चोरी के आरोप में सद्दाम को और मौके पर पहुंचे उसके पुत्र को पकड़ने की जानकारी उसे दी। तब मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को पकड़कर कोतवाली ले गई थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने मनगढ़ंत कहानी बनाकर दोनों को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार होना दर्शा दिया। 
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