हल्द्वानी। किशोरी के अपहरण के आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने उनको न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इधर मुकदमे की विवेचक ने घटना के संबंध में पीड़िता का भी बयान दर्ज किया है। अब पुलिस की जांच कलमबंद बयान पर टिकी है। गोरापड़ाव निवासी किशोरी का बृहस्पतिवार को तीनपानी से अपहरण हो गया था। पुलिस ने जांच की तो पाया कि सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की को बाइक सवार युवक अपने साथ ले गए हैं। घटना की जानकारी मिलने पर गुस्साए लोगों ने बरेली रोड में तीन बार जाम लगा दिया।
पुलिस का दबाव बढ़ने पर दोनों आरोपी किशोरी को दोपहर में ऑटो से उसके घर छोड़ने के लिए जा रहे थे। इसी बीच लोगों ने जीवनदान अस्पताल के समीप किशोरी को ऑटो में देख लिया। उन्होंने पीछा कर ऑटो को रुकवाया और किशोरी को उतारकर उसके घर पहुंचाया। इसके बाद लोगों ने आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी। पुलिस मुश्किल से आरोपियों को लोगों के कब्जे से छुड़ाया। पुलिस ने इस मामले में किशोरी के पिता की तहरीर पर लाइन नंबर 17 निवासी समीर पुत्र अशफाक और सलीम पुत्र ताहिर के खिलाफ धारा 363,354(क)7/8 पास्को एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
लोगों की पिटाई से घायल आरोपियों को पुलिस ने पहले बीडी पांडे अस्पताल नैनीताल में भर्ती कराया। इसके बाद दोनों को सुशीला तिवारी अस्पताल के लिए रेफर किया गया। पुुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश किया। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। पीड़िता का पुलिस ने महिला अस्पताल में मेडिकल कराया। मेडिकल में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी पुलिस का कहना है कि इस मामले में पीड़िता की एक्स रे और अन्य जांच करायी जाएगी।
मुकदमे की विवेचक पुनीता जोशी ने पीड़िता का धारा 161 के तहत बयान लिया। बताया कि अभियुक्तों को रिमांड पर लेने के बाद पीड़िता का अदालत के समक्ष धारा 164 के तहत कलमबंद बयान कराया जाएगा। पता चला है कि लड़की ने बयान दिया है कि उसे बहला फुसलाकर आरोपी गलत नियत से ले गए थे। पुलिस का कहना है कि पीड़िता द्वारा अदालत के समक्ष दिया गया बयान मुकदमे के लिए अहम होगा।