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शव रखकर लगाया जाम, पुलिस से भिड़े 

Tue, 28 Nov 2017 10:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो  बिलसंडा/पीलीभीत।
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जाम - फोटो : अमर उजाला
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पंचनामे में तहसीलदार के हस्ताक्षर न होने पर गुस्साए परिवार वाले
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सोमवार को बिलसंडा के करेली गांव में फंदे पर मिला था गर्भवती का शव 
पंचायतनामा पर तहसीलदार के हस्ताक्षर न होने के कारण गर्भवती करेली निवासी नीरज के शव का पोस्टमार्टम होने में देरी को लेकर मंगलवार को परिवार वाले भड़क गए। पूर्वाह्न में लगभग 12 बजे शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। कोई संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस से कहासुनी और झड़प भी हुई। बाद में तहसीलदार के मौके पर पहुंचने के बाद मामला किसी तरह शांत कराया जा सका। 
बिलसंडा क्षेत्र के गांव करेली निवासी गर्भवती नीरज का शव सोमवार को ससुराल में फंदे पर लटका मिला था। विवाहिता के पिता नक्षत्रपाल की ओर से पुलिस ने पति शेखर, ससुर गुड्डू, सास गीता सिंह, ननद मोनी, सुआ, बहनोई बबलू, संजय और सुधीश पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। दूसरे दिन मंगलवार को गर्भवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन पंचनामा पर तहसीलदार के हस्ताक्षर न होने के कारण मामला अटक गया। उधर परिवार वाले काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आक्रोशित हो गए। शव को एंबुलेंस में रखकर बिलसंडा कस्बे में लगभग 11 बजे जाम लगाने की तैयारी करने लगे। इसकी भनक लगने पर मौके पर पहुंचे एसओ सीपी शुक्ला ने बमरौली पेट्रोल पंप पर परिवार वालों को रोककर बात की और तहसीलदार के जल्द आने का आश्वासन दिया। इसको लेकर परिवार वाले मान गए, लेकिन दिए गए समय के बाद भी तहसीलदार के न पहुंचने पर गुस्सा बढ़ गया। शव रखी एंबुलेंस लेकर बबूरा तिराहा पर 12 बजे प्रदर्शन शुरू कर जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस वालों से तीखी कहासुनी और हल्की झड़प भी हुई। मामला बिगड़ता देख मौके पर तहसीलदार विवेक मिश्रा पहुंचे। तहसीलदार के पंचनामा पर हस्ताक्षर करने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद ही परिवार वालों का गुस्सा शांत हुआ। दस मिनट तक जाम की स्थिति बनी रही। 
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तहसीलदार बरखेड़ा क्षेत्र में एक विवाहिता के शव का पंचनामा भरने गए हुए थे। इसी कारण उनको बिलसंडा आने में देरी हो गई थी। परिवार वालों को इसकी जानकारी दी गई, जिसके बाद बातचीत कर शांत करा दिया गया था। 
सीपी शुक्ला, एसओ 
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