टाइगर रिजर्व में पकड़े गए कथित शिकारियों से वन विभाग दूसरे दिन भी पूछताछ करने में जुटा रहा। आरोपियों से पूछताछ को दिल्ली से एसटीएफ की पांच सदस्यीय टीम भी सोमवार यहां पहुंच गई है। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर बाघ की हड्डियां बरामद होने की बात भी महकमे के अधिकारी दबी जुबान से स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन हड्डियां कहां से और कितनी मिली हैं? यह बताने से अधिकारी फिलहाल कतरा रहे हैं।
टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने शनिवार की रात एसटीएफ की सूचना पर जंगल से सटे गांव पताबोझी से दो आरोपियों क्रमश: बड़े और गयादीन को पकड़ा था। टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने दोनों से पूछताछ के बाद उनके एक साल पूर्व बराही जंगल में बाघों की हत्या के मामले में उनके शामिल होने का दावा किया था। सोमवार को भी वन अधिकारी दोनों से पूछताछ में जुटे रहे। सूचना पर दिल्ली से पहुंची एसटीएफ की पांच सदस्यीय टीम ने भी दोनों आरोपियों से पूछताछ की। देरशाम तक दोनों से पूछताछ जारी थी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ के आधार पर कुछ अन्य आरोपियों को भी वन विभाग की टीम ने उठाया है। साथ ही दो दिन से चल रही मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम पकड़े गए आरोपियों से कुछ हड्डियां ही बरामद कर सकी है।
सूत्रों का यह भी दावा है कि बरामद हड्डियां एक साल पहले मारे गए बाघ की हैं, जो जंगल में ही छिपा कर रखी गई थीं। इसको लेकर जंगल में पूरे दिन अधिकारियों और वनकर्मचारियों की दौड़भाग जारी रही। माधोटांडा पुलिस का भी सहारा लिया गया।
आज हो सकता है खुलासा
पकड़े गए आरोपियों और उनसे बरामद हड्डियां आदि के मामले का वनविभाग मंगलवार को खुलासा कर सकता है। विभागीय अधिकारी भी इसकी तैयारी में जुटे हैं और उच्चाधिकारियों से संपर्क कर रायशुमारी की जा रही है।
शनिवार की रात पकड़े गए शिकारियों से सोमवार को एसटीएफ की टीम ने भी पूछताछ की है। पूछताछ के आधार पर उनके कुछ और साथियों को भी हिरासत में लिया गया है। संभवत: मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
कैलाश प्रकाश, डीएफओ