रम्पुरा गांव में बाघ के हमले में युवक की मौत के बाद नाराज ग्रामीणों द्वारा वनकर्मियों पर हमलाकर मारपीट की थी। डिप्टी रेंजर की तहरीर पर रम्पुरा और आसपास गांवों के डेढ़-दो सौ लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को न्यूरिया थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। टाइगर रिजर्व की महोफ और माला रेंज के निकट रम्पुरा गांव में रविवार सुबह 9:30 बजे बाघ ने हमला कर वहां के 18 वर्षीय युवक ब्रह्मस्वरूप को मार डाला था। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वनविभाग की टीम पर हमला कर मारपीट की थी। मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने किसी तरह वन कर्मियों को बचाया था। इसके कुछ देर बाद ग्रामीणों ने मौका पाकर एक बार फिर हमला बोलकर वनकर्मियों की गन्ने से बुरी तरह पिटाई कर दी थी। इसमें वन दरोगा ऋषिदेव सक्सेना, वनरक्षक प्रेमपाल के सबसे ज्यादा चोटें आई थी। जबकि रेंजर गजेंद्र बहादुर सिंह, डीके श्रीवास्तव, एसओ न्यूरिया मोहम्मद कासिम के भी बीच बचाव करने में जख्मी हो गए थे। घटना के दूसरे दिन ही वनविभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी थी। घायल वनकर्मियों का मेडिकल कराया गया। डीएफओ के निर्देश पर सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव की ओर से न्यूरिया थाने में तहरीर दी गई। इसमें रम्पुरा, सैजनिया, मरौरी सहित आसपास के गांव के करीब 150-200 अज्ञात लोगों पर वनकर्मियों पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, बल्वा कराने का प्रयास करने सहित कई आरोप लगाए हैं। डिप्टी रेंजर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसओ मोहम्मद कासिम ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है जांच की रही है। फोटो, वीडियो एवं अन्य माध्यमों से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।