ट्रेन में
पुत्र को चढ़ाने का प्रयास करते समय पूरनपुर देहात के मोहल्ला इंदिरानगर
निवासी 40 वर्षीय अशफाक अचानक पुत्र समेत नीचे गिर गया। इस दौरान अशफाक का
एक हाथ बोगी के पहिए के निकट लगी स्प्रिंग में फंस गया। जिससे वह कुछ दूर
तक घिसट गया। उसे बमुश्किल एक घंटे बाद निकाल कर जिला अस्पताल भेजा गया,
जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे से ट्रेनों का आवागमन करीब दो
घंटा तक थमा रहा।
घटना सोमवार को रेलवे स्टेशन के समीप हुई। 52222
मैलानी-इज्जतनगर पैसेंजर ट्रेन स्टेशन से रेंग रही थी। इसी बीच दौड़कर
पहुंचे अशफाक अपने पुत्र 12 वर्षीय फाजिल को ट्रेन पर चढ़ाने का प्रयास
करने लगा, लेकिन अचानक दोनों नीचे गिर गए। गिरने से अशफाक का दायां हाथ
बोगी के पहिया के समीप लगी स्प्रिंग में फंस गया।
शोर होने पर जब तक ट्रेन
रुकती अशफाक घिसटता हुआ कुछ दूर तक चला गया। जिससे वहां चीख पुकार मच गई।
डिब्बों में बैठे यात्री भी नीचे उतर आए। सैकड़ों की संख्या में उमड़ी भीड़
ने डिब्बों को हिलाकर उसे निकालने का प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो
सके। जिस पर ट्रेन से तीन डिब्बों को काटकर अलग किया गया।
बोल्ट खोलने के
रिंच, पाना और डिब्बे को जैक से ऊपर उठाकर उसे करीब डेढ़ घंटे बाद बमुश्किल
बाहर निकाला जा सका। अशफाक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेजा गया। जहां
डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना से ट्रेनों का आवागमन करीब दो
घंटे बंद रहा।
कोशिश तो बहुत की, लेकिन नहीं बचा
पूरनपुर।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की बोगी के स्प्रिंग में फंसे अधेड़ को निकालने के
लिए रेलवे प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं थे। शुक्र है नगरवासियों और
मैकेनिकों का जिन्होंने अपनी जान जोखिन में डालकर अशफाक को बचाने की पूरी
कोशिश की, लेकिन उसे बचा नहीं सके।
हादसे के वक्त स्थानीय रेल प्रशासन
पूरी तरह हाथ पर धरे बैठा रहा। उसके पास बचाव व राहत के कोई इंतजाम नहीं
थे। हादसे की जब सूचना नगरवासियों को मिली तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर
पहुंच गए। मोहल्ला रजागंज निवासी ट्रक मिस्त्री मोहम्मद अब्दुल कलीम, नसीम
रजा आदि ने लोगों की मदद से अपनी जान जोखिम में डाली और रेस्क्यू अभियान का
रूप दिया(
कड़ी मेहनत के बाद उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन फिर भी अशफाक
को बचाया नहीं जा सका। अशफाक की मौत से सभी लोग स्तब्ध हैं।
भांजी की शादी में जा रहा था
पूरनपुर।
घटना के चश्मदीद और अशफाक के 12 वर्षीय पुत्र फाजिल ने बताया कि पिता के
साथ वह रसैया खानपुर में अपनी मम्मी की भांजी की शादी में शामिल होने जा
रहा था। पिता उसे गोद में लेकर चलती ट्रेन पर चढ़ाने का प्रयास कर रहे थे।
इस दौरान पिता के साथ वह भी गिर गया। पिता डिब्बे के नीचे जाकर फंस गए।
मदद को उठे हाथ, होंगे सम्मानित
नगर
पालिका के पूर्व चेयरमैन मुन्ने मियां अंजाना ने घायल की मदद को पांच सौ
रुपये दिए। व्यापारी नेता विजयपाल विक्की जैक, रिंच आदि एकत्र कराने में
जुटे रहे। पूर्व चेयरमैन मुन्ने मियां अंजाना ने बताया कि खादी
ग्रामोउद्योग राज्य मंत्री हाजी रियाज अहमद को घटना की जानकारी दी गई है।
उन्होंने पीड़ित परिवार को मदद दिलवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि
अधेड़ की जान बचाने वालों को वह सम्मानित करेगें।
मजदूरी कर परिवार को पेट पालते थे अशफाक
अशफाक
मजदूरी कर परिवार का पेट पालता है। करीब पखवाड़ा भर पहले हरियाणा से
मजदूरी कर वापस लौटा था। परिवार में पत्नी जरीना के अलावा पुत्री 19 वर्षीय
अफसाना, 17 वर्षीय शवाना, 15 वर्षीय पुत्र आविद, 14 वर्षीय आशिफ, 12
वर्षीय फाजिल, 10 वर्षीय साहिबा है।
बोगियों की जांच कर रवाना की ट्रेन
पूरनपुर।
ट्रेन के नीचे अधेड़ के आने की घटना पर ट्रेनों का संचालन दो घंटा रुका
रहा। जिन बोगियों को ट्रेन से काट कर अलग किया गया था। उनकी जांच के बाद
ही ट्रेन को पीलीभीत को रवाना किया गया। घटना होम सिंग्नल के बाहर होने से
मुख्य लाइन से आवागमन बंद हो गया।
जिससे तीन घंटा लेट 6.50 बजे स्टेशन
पहुंची 15315 गोंडा-इज्जतनगर एक्सप्रेस साढ़े आठ बजे रवाना की गई। 52224
मैलानी-पीलीभीत पैसेंजर ट्रेन दो घंटा, 15314 इज्जतनगर से ऐशबाग एक्सप्रेस
ट्रेन सवा घंटा, 52256 इज्जतनगर-गोंडा दो घंटा, 1509 इज्जतनगर-ऐशबाग करीब
एक घंटा लेट हुई। जबकि 52222 को टीआई रामेश्वर सिंह ने पीलीभीत से
मैकेनिकों को बुलाकर तीनों बोगियां चेक कराईं। बाद में उसे गंत्वय के लिए
रवाना किया।