खुद को बैंक अधिकारी बताकर एक जालसाज ने शिक्षक से उसके एटीएम का कोड जान लिया। इसके बाद दो बैंक खातों से 71 हजार रुपये की रकम निकाल ली। मोबाइल पर रुपये निकलने का मैसेज आने पर शिक्षक को घटना का पता लगा। बैंक अधिकारियों से संतोषजनक जवाब न मिलने पर पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
बरेली जिले के फरीदपुर थाना क्षेत्र के टांडा गांव निवासी तौकीर अहमद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक है। वर्तमान समय में उसकी तैनाती माधौटांडा के मैनाकोट प्राथमिक विद्यालय में चल रही है। इस कारण वह माधौटांडा कस्बे में किराए के मकान में रहता है। शिक्षक के अनुसार उसके दो बैंक खाते है। एक बरेली के शहामतगंत की बीओबी शाखा और दूसरा कलीनगर एसबीआई शाखा में है। बुधवार शाम को उसके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से एक युवक ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर फोन किया। एटीएम पिन बदले जाने का झांसा देकर पहले बैंक आफ बड़ौदा और बाद में एसबीआई के खाते का नंबर पूछ लिया। एटीएम कोड से जुड़ी जानकारी भी ले ली। कुछ देर बाद पीड़ित शिक्षक के बीओबी खाते से 21 हजार और एसबीआई खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। मोबाइल पर रुपये निकालने जाने का मैसेज आने पर शिक्षक के होश उड़ गए। दूसरे दिन बैंक जाकर पीड़ित ने मामले की जानकारी की। इसमें पता लगा कि एसबीआई के खाते से पचास हजार रु पये की ऑन लाइन शॉपिंग हुई है। पीड़ित ने मामले की शिकायत एसपी से की है।
बैंक अधिकारियों पर सांठगांठ का आरोप
शिक्षक ने घटना के पीछे जालसाज गैंग से बैंक अधिकारियों पर साठगांठ का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि उसने एसबीआई कलीनगर शाखा में नवंबर महीने में खाता खुलवाया था। इसमें एक कर्मचारी ने एक महीने बाद पिन चेंज होने की भी बात कही थी जो अब तक नहीं हो सका था। अचानक जालसाज के पिन चेंज करने की बात कहने पर वह फोन करने वाले को बैंक अधिकारी समझ बैठा।